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गांधीनगर। विश्व मानक दिवस (World Standards Day) 2026 के अवसर पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने राज्य के उद्योगपतियों, स्टार्टअप्स और छोटे-मझोले उद्यमों से उत्पादों की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए केवल उत्पादों का निर्यात करना पर्याप्त नहीं है। भारतीय उद्योगों को वैश्विक गुणवत्ता मानकों को अपनाने के साथ जीरो डिफेक्ट मैन्युफैक्चरिंग यानी त्रुटिरहित उत्पादन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए।मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हर्ष संघवी ने कहा कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और ग्राहकों की संतुष्टि पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने उद्योगों को उत्पादन प्रक्रियाओं में सुधार करने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की सलाह दी।
सिर्फ निर्यात नहीं, बेहतर गुणवत्ता भी जरूरी
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि किसी भी उद्योग की सफलता केवल उसके उत्पादों की बिक्री या निर्यात से नहीं मापी जा सकती। लंबे समय तक बाजार में अपनी पहचान बनाए रखने के लिए ग्राहकों का विश्वास जीतना आवश्यक है।उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्पाद की गुणवत्ता केवल उसकी कीमत या ब्रांड के नाम पर निर्भर नहीं करती। उसकी फिनिशिंग, टिकाऊपन, विश्वसनीयता और ग्राहकों की संतुष्टि भी महत्वपूर्ण होती है।संघवी के अनुसार, यदि भारतीय कंपनियां अपने उत्पादों में इन विशेषताओं को प्राथमिकता देती हैं, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
जीरो डिफेक्ट मैन्युफैक्चरिंग अपनाने की अपील
हर्ष संघवी ने उद्योगपतियों से जीरो डिफेक्ट मैन्युफैक्चरिंग को अपनाने का आग्रह किया। इसका उद्देश्य उत्पादन के दौरान गलतियों और कमियों को न्यूनतम करना तथा ग्राहकों तक बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि उद्योगों को अपनी उत्पादन प्रक्रियाओं का नियमित मूल्यांकन करना चाहिए। जहां भी कमियां दिखाई दें, उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए।उत्पादन के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता पर ध्यान देने से तैयार उत्पाद की विश्वसनीयता बढ़ाई जा सकती है।
खाने-पीने की चीजों से खिलौनों तक गुणवत्ता महत्वपूर्ण
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता का महत्व केवल बड़े औद्योगिक उत्पादों तक सीमित नहीं है। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े सामान में भी इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।उन्होंने खाद्य पदार्थों, खिलौनों और कपड़ों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन उत्पादों की अच्छी फिनिशिंग और विश्वसनीयता ग्राहकों का भरोसा बढ़ाती है।किसी उत्पाद की उपयोगिता के साथ उसकी पैकेजिंग और प्रस्तुति भी बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योग बेहतर पैकेजिंग और उत्पादों में अतिरिक्त मूल्य जोड़कर ग्राहकों के बीच अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
छोटे सुधार से भी मिल सकते हैं बड़े परिणाम
हर्ष संघवी ने उद्योगों को उत्पादन प्रक्रियाओं में छोटे-छोटे सुधार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर बदलाव के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता नहीं होती।कई बार उत्पादन प्रक्रिया की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने से ही कार्यक्षमता और उत्पादकता में सुधार किया जा सकता है।उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि वे अपने कारखानों और उत्पादन इकाइयों में गुणवत्ता संबंधी समस्याओं की पहचान करें और उन्हें दूर करने के लिए व्यावहारिक कदम उठाएं।ऐसे सुधार उत्पादन लागत को नियंत्रित करने और बेहतर उत्पाद तैयार करने में उपयोगी हो सकते हैं।
स्टार्टअप्स और MSME के लिए वैश्विक बाजार में अवसर
उपमुख्यमंत्री ने गुजरात के स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन करना चाहिए।गुजरात में विनिर्माण और उद्यमिता से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के प्रयास पहले से जारी हैं। राज्य सरकार वैश्विक निवेश और उन्नत विनिर्माण को भी औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है।संघवी ने कहा कि भारतीय उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनेक अवसर मौजूद हैं। इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए उद्योगों को गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
बेहतर पैकेजिंग से मजबूत होगी बाजार में पहचान
हर्ष संघवी ने स्थानीय उद्योगों को आकर्षक पैकेजिंग अपनाने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने की सलाह दी।उनके अनुसार, पैकेजिंग किसी भी उत्पाद की पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बेहतर प्रस्तुति से ग्राहक उत्पाद की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन उनका भरोसा बनाए रखने के लिए गुणवत्ता भी आवश्यक है।उन्होंने कहा कि उद्योगों को ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए अपने उत्पादों में सुधार करना चाहिए।बेहतर गुणवत्ता और उत्पादकता से कंपनियों के लिए नए बाजारों तक पहुंचना आसान हो सकता है।
विश्व मानक दिवस पर दिया गुणवत्ता का संदेश
विश्व मानक दिवस हर साल 14 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य उत्पादों, सेवाओं और तकनीकी प्रक्रियाओं में मानकों तथा गुणवत्ता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।भारत में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) गुणवत्ता मानकों और उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित करता है। गुजरात में भी उद्योगों और संस्थानों के बीच मानकों के पालन को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।हर्ष संघवी ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय उद्योगों के पास वैश्विक बाजार में आगे बढ़ने के अवसर हैं। इन्हें हासिल करने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता, बेहतर उत्पादन प्रक्रियाओं और ग्राहकों के भरोसे पर लगातार काम करना आवश्यक है।उन्होंने गुजरात के उद्योगपतियों से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन करते हुए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।
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