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गुजरात सरकार के खजाने में आए 384.67 करोड़ रुपये

Ratna Netam
14 Oct 2026 7:55 PM IST
गुजरात सरकार के खजाने में आए 384.67 करोड़ रुपये
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गांधीनगर। गुजरात सरकार के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े दो उपक्रमों ने वित्त वर्ष 2025-26 में लाभांश भुगतान का नया रिकॉर्ड बनाया है। गुजरात एनर्जी लिमिटेड (GEL) और जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड (GTL) ने राज्य सरकार को कुल 384.67 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दोनों कंपनियों के लाभांश के चेक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपे गए। सरकार के अनुसार, राज्य नियंत्रित कंपनियों की ओर से एक वित्त वर्ष में किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा लाभांश भुगतान है।कार्यक्रम में गुजरात एनर्जी लिमिटेड की प्रबंध निदेशक और जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड की उपाध्यक्ष अवंतिका सिंह ने मुख्यमंत्री को चेक प्रदान किए। इस अवसर पर ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स मंत्री ऋषिकेश पटेल, राज्य मंत्री कौशिक वेकारिया और मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार हसमुख अधिया भी उपस्थित रहे।
गुजरात एनर्जी लिमिटेड ने दिए 324 करोड़ रुपये
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, कुल 384.67 करोड़ रुपये के लाभांश में गुजरात एनर्जी लिमिटेड का योगदान 324 करोड़ रुपये रहा।वहीं, जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड ने राज्य सरकार को 60.67 करोड़ रुपये का लाभांश प्रदान किया।दोनों कंपनियों के संयुक्त भुगतान ने राज्य सरकार के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।सरकार ने इस उपलब्धि को ऊर्जा क्षेत्र में वित्तीय प्रबंधन और कॉर्पोरेट पुनर्गठन के परिणाम के रूप में प्रस्तुत किया है।लाभांश से प्राप्त राशि राज्य सरकार के राजस्व का हिस्सा बनेगी, जिसका इस्तेमाल बजटीय प्रावधानों के अनुसार विकास और जनकल्याण संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
कंपनियों के पुनर्गठन से बढ़ी सरकार की हिस्सेदारी
गुजरात सरकार के अनुसार, लाभांश में हुई इस वृद्धि के पीछे जीएसपीसी समूह के अंतर्गत लागू की गई पुनर्गठन योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।यह योजना 1 मई 2026 को गुजरात गौरव दिवस के अवसर पर प्रभावी हुई थी।इसके अंतर्गत गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (GSPC) का गुजरात गैस लिमिटेड में विलय किया गया। इसके बाद गुजरात गैस लिमिटेड का नाम बदलकर गुजरात एनर्जी लिमिटेड कर दिया गया।इसी पुनर्गठन के तहत गैस ट्रांसमिशन से संबंधित कारोबार जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड को हस्तांतरित किया गया।इस बदलाव का उद्देश्य समूह की कंपनियों के कारोबार और वित्तीय ढांचे को पुनर्गठित करना था
सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर 38 प्रतिशत हुई
पुनर्गठन योजना लागू होने के बाद गुजरात एनर्जी लिमिटेड में राज्य सरकार की प्रत्यक्ष हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत से बढ़कर 38 प्रतिशत हो गई।इसके अलावा सरकार को जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड में भी लगभग 38 प्रतिशत हिस्सेदारी प्राप्त हुई।इससे पहले राज्य सरकार की जीटीएल में कोई प्रत्यक्ष हिस्सेदारी नहीं थी।सरकारी हिस्सेदारी में हुए इस बदलाव का प्रभाव लाभांश भुगतान पर भी दिखाई दिया है।कंपनियों से मिलने वाले लाभांश की राशि शेयरधारिता और घोषित लाभांश के आधार पर निर्धारित होती है। ऐसे में हिस्सेदारी बढ़ने से राज्य सरकार को अधिक लाभांश प्राप्त हुआ।
पिछले तीन वर्षों के मुकाबले बड़ी उपलब्धि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच गुजरात गैस लिमिटेड ने राज्य सरकार को कुल लगभग 81.55 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था।इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में गुजरात एनर्जी लिमिटेड ने अकेले 324 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।यह राशि पिछले तीन वर्षों में गुजरात गैस लिमिटेड की ओर से किए गए कुल लाभांश भुगतान से लगभग चार गुना अधिक है।इस तुलना से स्पष्ट होता है कि पुनर्गठन के बाद सरकार को मिलने वाले लाभांश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि
गुजरात एनर्जी लिमिटेड और जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड के अध्यक्ष तथा राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार दास ने इस भुगतान को दोनों कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय उपलब्धि बताया।वहीं, प्रबंध निदेशक अवंतिका सिंह ने कहा कि पुनर्गठन से कंपनी की वित्तीय क्षमता मजबूत हुई है।उन्होंने बताया कि इससे राज्य के विकास और जनकल्याण संबंधी पहलों में अधिक आर्थिक योगदान देने की क्षमता विकसित हुई है।इस पुनर्गठन योजना को राज्य सरकार, संबंधित कंपनियों के निदेशक मंडलों, शेयरधारकों और केंद्रीय कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय से आवश्यक मंजूरियां मिली थीं।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स विभाग से जुड़े अधिकारियों के अलावा वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।इनमें वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी. नटराजन, ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग के प्रधान सचिव अश्विनी कुमार और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार शामिल थे।कार्यक्रम में दोनों कंपनियों की वित्तीय उपलब्धि और सरकार को किए गए लाभांश भुगतान की जानकारी साझा की गई।
राज्य के राजस्व को मिलेगी मजबूती
गुजरात एनर्जी लिमिटेड और जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड की ओर से किया गया 384.67 करोड़ रुपये का संयुक्त लाभांश भुगतान राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय उपलब्धि है।सरकार के अनुसार, इससे राज्य की राजस्व प्राप्तियों को मजबूती मिलेगी।कंपनियों के पुनर्गठन और सरकारी हिस्सेदारी में वृद्धि के बाद यह पहला बड़ा लाभांश भुगतान सामने आया है।हालांकि, भविष्य में इसी स्तर का लाभांश मिलता रहेगा या नहीं, यह कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन और लाभांश संबंधी निर्णयों पर निर्भर करेगा।फिलहाल वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दोनों कंपनियों का संयुक्त भुगतान गुजरात सरकार के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उपक्रमों के वित्तीय इतिहास में नया रिकॉर्ड बन गया है।
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