
सुरेंद्रनगर। गुजरात के सुरेंद्रनगर में जिम आने वाली महिलाओं और युवतियों के चेंजिंग रूम के कथित तौर पर वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि क्लब 71 नाम से संचालित जिम में आने वाली संभ्रांत परिवारों की करीब 100 महिलाओं और युवतियों के चेंजिंग रूम से जुड़े वीडियो बनाए गए और बाद में उन्हें दबाव में लेने की कोशिश की गई। पुलिस ने मामले में जिम संचालक आमीन यासीन मुल्तानी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके दोनों जिम को सील कर दिया है।
पुलिस के सामने मामला आने के बाद जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिम में आने वाली महिलाओं और युवतियों के निजी पलों को कथित तौर पर रिकॉर्ड किया जाता था। इसके बाद इन वीडियो का इस्तेमाल उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए किए जाने का आरोप है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कितनी महिलाओं के वीडियो बनाए गए और इन वीडियो का किस तरह इस्तेमाल किया गया।
आरोप है कि महिलाओं को वीडियो के जरिए दबाव में लेकर जिम संचालक के साथ दोस्ती और करीबी संबंध बनाने के लिए मजबूर करने की कोशिश की जाती थी। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद इलाके में भी चिंता का माहौल है। महिलाओं की निजता और सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण पुलिस इस मामले को गंभीरता से जांच रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी आमीन यासीन मुल्तानी क्लब 71 नाम से दो जिम संचालित करता था। कार्रवाई के बाद दोनों जिम को सील कर दिया गया है। आरोपी के बारे में बताया जा रहा है कि वह कानून स्नातक है। पुलिस अब उसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ जिम संचालन और कथित गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मामले में एक और महत्वपूर्ण आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने महिलाओं को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के लिए अपनी एक कर्मचारी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया, ताकि सीधे तौर पर उसका नाम सामने न आए। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है कि मोबाइल फोन किसके नाम पर था, उसका इस्तेमाल किसने किया और उसमें किस तरह का डेटा मौजूद था।
जांच एजेंसियां अब मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर सकती हैं। कथित वीडियो कहां रिकॉर्ड किए गए, उन्हें किस डिवाइस में सुरक्षित रखा गया और क्या उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया गया, इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। डिजिटल साक्ष्य मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
चेंजिंग रूम जैसी निजी जगह में किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना वीडियो रिकॉर्ड करना निजता के गंभीर उल्लंघन के दायरे में आता है। इस मामले में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रिकॉर्डिंग के लिए किस तरह की व्यवस्था की गई थी और वह कितने समय से चल रही थी।
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथित तौर पर करीब 100 महिलाओं और युवतियों से जुड़ी रिकॉर्डिंग का दायरा कितना बड़ा था। शुरुआती जानकारी में करीब 100 पीड़िताओं का उल्लेख किया गया है, लेकिन वास्तविक संख्या जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस शिकायतों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पीड़ित महिलाओं की पहचान और बयान दर्ज कर सकती है।
इस मामले में महिलाओं पर कथित रूप से जिम संचालक से दोस्ती और करीबी बनाने का दबाव डालने का आरोप भी गंभीर है। पुलिस यह पता लगाएगी कि कथित ब्लैकमेलिंग किस तरीके से की जाती थी और महिलाओं से क्या मांग की जाती थी। इसके साथ ही यह भी जांच का हिस्सा होगा कि क्या किसी महिला से पैसे या किसी अन्य तरह का लाभ लेने की कोशिश की गई थी।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने क्लब 71 के दोनों जिम को सील कर दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि जांच के दौरान परिसर और वहां मौजूद संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित रखना जरूरी समझा गया। पुलिस जिम के चेंजिंग रूम और अन्य संबंधित स्थानों की भी जांच कर सकती है।
जांच के दौरान जिम में काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। खास तौर पर उस कर्मचारी के मोबाइल फोन और भूमिका को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी, जिसके फोन का कथित तौर पर इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कर्मचारी को इस गतिविधि की जानकारी थी या उसका फोन किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल किया गया।
डिजिटल अपराधों में मोबाइल फोन और ऑनलाइन अकाउंट महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं। यदि कथित वीडियो किसी मोबाइल, कंप्यूटर या अन्य स्टोरेज डिवाइस में पाए जाते हैं तो पुलिस उनके निर्माण और इस्तेमाल से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। इसके अलावा वीडियो किसी अन्य व्यक्ति को भेजे गए थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है।
महिलाओं की निजता से जुड़े इस मामले में पुलिस के सामने पीड़ितों का विश्वास बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने में सामाजिक दबाव या बदनामी का डर हो सकता है। इसलिए जांच के दौरान उनकी पहचान और निजी जानकारी की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित गतिविधि केवल एक जिम तक सीमित थी या दोनों क्लब 71 जिम में इसी तरह की व्यवस्था थी। दोनों जिम को सील किए जाने के बाद वहां उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की जांच की जा सकती है।
मामले में आरोपी द्वारा कथित तौर पर अपनी कर्मचारी के मोबाइल का इस्तेमाल करने की बात भी जांच का अहम हिस्सा है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो इससे यह सवाल उठेगा कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए किस तरह की रणनीति अपनाई। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए इसकी पुष्टि करने की कोशिश कर सकती है।
जांच एजेंसियां यह भी देख सकती हैं कि आरोपी और कथित पीड़ित महिलाओं के बीच किस तरह का संपर्क था। फोन कॉल, संदेश और अन्य डिजिटल संचार से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है। हालांकि इन सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
इस मामले ने जिम और अन्य फिटनेस सेंटरों में महिलाओं की सुरक्षा और निजी स्थानों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। चेंजिंग रूम जैसी जगहों पर गोपनीयता बनाए रखना संचालकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। यदि किसी स्थान पर बिना जानकारी के रिकॉर्डिंग की जाती है तो इससे लोगों की निजता सीधे प्रभावित होती है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों जिम को सील कर दिया है। अब जांच में सामने आने वाले डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका स्पष्ट की जाएगी। यदि कथित वीडियो और ब्लैकमेलिंग से जुड़े आरोपों की पुष्टि होती है तो मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। करीब 100 महिलाओं और युवतियों से जुड़े होने के बताए जा रहे इस मामले में रिकॉर्डिंग की संख्या, उसका स्रोत और इस्तेमाल जांच का मुख्य हिस्सा हैं। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाएगी कि कथित ब्लैकमेलिंग कितने समय से चल रही थी और इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
कुल मिलाकर, गुजरात के सुरेंद्रनगर में क्लब 71 के नाम से संचालित जिम में महिलाओं और युवतियों के चेंजिंग रूम के कथित वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने जिम संचालक आमीन यासीन मुल्तानी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके दोनों जिम सील कर दिए हैं। आरोपी के कानून स्नातक होने की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि उसने महिलाओं पर दोस्ती और करीबी संबंध बनाने का दबाव डालने के लिए कथित वीडियो का इस्तेमाल किया और खुद को बचाने के लिए एक कर्मचारी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन, जिम परिसर और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।





