गुजरात
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग अहमदाबाद में गुजरात कांग्रेस का प्रदर्शन
Ratna Netam
29 Sept 2026 6:08 PM IST

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अहमदाबाद : मंगलवार को गुजरात कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। यह प्रदर्शन कांग्रेस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसमें पार्टी चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता नामों की कथित बड़े पैमाने पर कटौती को मुद्दा बना रही है।
अहमदाबाद में हुए इस प्रदर्शन में गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए नागरिकों के मतदान अधिकार प्रभावित किए जा रहे हैं। पार्टी नेताओं ने इसे गंभीर लोकतांत्रिक मुद्दा बताते हुए चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि देश भर में नागरिकों के वोट देने के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर चुनाव आयोग को प्रभावित करने का आरोप लगाया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। चावड़ा ने कहा कि लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है और इसी वजह से कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर रहे हैं।
चावड़ा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव आयोग को “कठपुतली” बना दिया है और ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल चुनाव जीतने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी। ये आरोप कांग्रेस और अमित चावड़ा की ओर से लगाए गए हैं। चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों का विरोध करते रहे हैं और चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताया है।
अहमदाबाद में कांग्रेस ने इस विरोध को “जन आक्रोश” से जोड़ा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने शहर में मार्च करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। रिपोर्टों के अनुसार, गुजरात कांग्रेस ने आश्रम रोड से सरदार बाग तक जन आक्रोश पदयात्रा भी निकाली। प्रदर्शन में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और मतदाता सूची में पारदर्शिता को लेकर नारे लगाए गए।
गुजरात में कांग्रेस पिछले कुछ दिनों से इसी मुद्दे को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है। सोमवार को भी राज्य के अलग-अलग शहरों में पार्टी ने विरोध कार्यक्रम आयोजित किए थे। राजकोट, वडोदरा, सूरत और जूनागढ़ समेत कई जगहों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
मतदाता सूची में नाम हटाए जाने का मुद्दा हाल के दिनों में राष्ट्रीय राजनीतिक विवाद का बड़ा कारण बना है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई। गुजरात कांग्रेस ने विशेष रूप से राज्य में मतदाता नाम हटाए जाने के आंकड़ों को लेकर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। गुजरात उन राज्यों में शामिल रहा जहां SIR के दूसरे चरण में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की रिपोर्ट सामने आई।
दूसरी ओर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले कहा था कि जिन राज्यों में SIR पूरा हुआ, वहां नाम हटाए जाने के खिलाफ जिला स्तर पर अपील का प्रावधान मौजूद है। उन्होंने गुजरात में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि मतदाता अपने नाम को लेकर संबंधित कलेक्टर और उसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकते हैं। चुनाव आयोग लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि मतदाता सूची में संशोधन निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस का विरोध गुजरात तक सीमित नहीं है। पार्टी ने देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई है। कांग्रेस की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस कार्यसमिति ने भी मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मतदाता सूची में किए गए बदलावों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने और SIR से जुड़े फैसलों में अधिक पारदर्शिता की मांग की है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष चुनावी हार के बाद चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है। भाजपा नेताओं ने मतदाता सूची से मृत और डुप्लीकेट नाम हटाए जाने की प्रक्रिया का बचाव किया है। वहीं चुनाव आयोग भी आरोपों का खंडन करते हुए अपनी प्रक्रिया को कानूनी और नियमित बता चुका है।
अहमदाबाद में मंगलवार का प्रदर्शन इसी राजनीतिक टकराव की अगली कड़ी है। गुजरात कांग्रेस ने संकेत दिया है कि मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर वह आंदोलन जारी रखेगी। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग पर अड़ी हुई है, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया का बचाव कर रहा है। ऐसे में मतदाता सूची और SIR का मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहने की संभावना है।
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