गुजरात

गुजरात में पोषण माह की धूम 2.43 करोड़ से ज्यादा गतिविधियां

Ratna Netam
29 Sept 2026 2:47 PM IST
गुजरात में पोषण माह की धूम 2.43 करोड़ से ज्यादा गतिविधियां
x
गांधीनगर। गुजरात सरकार पूरे राज्य में “अपनी आंगनवाड़ी, अपनी जिम्मेदारी” की भावना के साथ ‘पोषण माह-2026’ मना रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की देखरेख में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य पोषण को जन-आंदोलन का रूप देना और समाज के हर वर्ग को स्वस्थ जीवनशैली तथा संतुलित आहार के प्रति जागरूक करना है। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मनीषाबेन वकील ने राज्यव्यापी कार्यक्रमों की शुरुआत की।राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान में केवल महिला एवं बाल विकास विभाग ही नहीं, बल्कि कई संबंधित विभागों और स्थानीय संस्थाओं को भी जोड़ा गया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्यकर्मी, स्वयं-सहायता समूह, स्थानीय स्व-शासन निकाय, अभिभावक और आम नागरिक भी अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
सरकार का मकसद है कि पोषण से जुड़ी जानकारी केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि हर परिवार तक पहुंचे। इसके लिए गांवों, कस्बों और शहरों में अलग-अलग प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें बच्चों, महिलाओं और परिवारों को पोषण के महत्व की जानकारी देने के साथ स्वस्थ भोजन और बेहतर जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जा रहा है।27 सितंबर 2026 तक गुजरात में पोषण से जुड़ी 2.43 करोड़ से ज्यादा गतिविधियां दर्ज की जा चुकी हैं। इतनी बड़ी संख्या में गतिविधियों के आयोजन के कारण गुजरात देश के सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि राज्य में अभियान को बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है और विभिन्न विभाग इसमें सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 56.13 लाख गतिविधियां आयोजित की गई हैं। वहीं अन्य संबंधित विभागों ने लगभग 1.87 करोड़ गतिविधियां पूरी की हैं। विभिन्न विभागों की संयुक्त भागीदारी से राज्यभर में पोषण को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।‘पोषण माह-2026’ के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रखी गई है। “अपनी आंगनवाड़ी, अपनी जिम्मेदारी” के संदेश के जरिए स्थानीय समुदाय को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसका उद्देश्य है कि लोग अपने क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्र को केवल सरकारी सुविधा के रूप में न देखें, बल्कि बच्चों और महिलाओं के पोषण तथा स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण केंद्र के तौर पर उससे जुड़ें।
इस अभियान के जरिए अभिभावकों को भी बच्चों के पोषण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। परिवारों को संतुलित आहार, साफ-सफाई और नियमित स्वास्थ्य देखभाल की अहमियत समझाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही बच्चों के विकास में पोषण की भूमिका को लेकर भी जागरूकता बढ़ाई जा रही है।स्वयं-सहायता समूहों को अभियान में शामिल करने से इसकी पहुंच ग्रामीण और स्थानीय स्तर तक बढ़ी है। ऐसे समूह सीधे समुदायों के साथ काम करते हैं और स्थानीय परिवारों तक पोषण से जुड़ी जानकारी पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों की भागीदारी से लोगों को स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े व्यावहारिक सुझाव भी दिए जा रहे हैं।
स्थानीय स्व-शासन निकायों की मदद से अभियान को ग्राम पंचायत, नगर पालिका और शहरी निकाय स्तर तक पहुंचाया गया है। इस तरह पोषण माह को केवल एक विभागीय कार्यक्रम न बनाकर सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।सरकार की कोशिश है कि पोषण को लेकर लोगों के व्यवहार में स्थायी बदलाव आए। इसी कारण अभियान में जनभागीदारी पर खास जोर दिया गया है। जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि बेहतर पोषण के लिए केवल सरकारी सहायता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार और समुदाय की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से किए गए 56.13 लाख कार्यक्रम इस अभियान की व्यापकता को दर्शाते हैं। दूसरी ओर अन्य विभागों की लगभग 1.87 करोड़ गतिविधियां यह बताती हैं कि अभियान में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाया गया है।
राज्य सरकार की ओर से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि आंगनवाड़ी केंद्रों को स्थानीय स्तर पर मजबूत बनाया जाए और इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों तथा महिलाओं तक पोषण संबंधी सेवाएं बेहतर तरीके से पहुंचें। इसके लिए समुदाय की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है।‘पोषण माह-2026’ में दर्ज 2.43 करोड़ से अधिक गतिविधियों ने गुजरात को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की सूची में शामिल किया है। सरकार के अनुसार इस उपलब्धि के पीछे विभिन्न विभागों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों की संयुक्त भागीदारी रही है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की देखरेख में चल रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पोषण से जुड़ी जागरूकता को समाज के हर स्तर तक पहुंचाना है। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मनीषाबेन वकील द्वारा शुरू किए गए राज्यव्यापी कार्यक्रम अब गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में व्यापक रूप से चल रहे हैं।कुल मिलाकर ‘पोषण माह-2026’ के जरिए गुजरात सरकार पोषण को सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर जनभागीदारी से जुड़े अभियान में बदलने की कोशिश कर रही है। करोड़ों गतिविधियों और विभिन्न विभागों की भागीदारी के साथ यह अभियान राज्यभर में व्यापक स्तर पर जारी है।
Next Story