गुजरात
आसमान में बम की धमकी अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतारी गई फ्लाइट
Ratna Netam
10 Sept 2026 8:14 PM IST

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अहमदाबाद। सऊदी अरब के दम्माम से नई दिल्ली जा रही Air India Express की एक फ्लाइट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर पर अंग्रेजी में **“BOMB”** लिखा मिला। विमान उस समय हवा में था। केबिन क्रू के सदस्य की नजर संदिग्ध संदेश पर पड़ते ही इसकी जानकारी पायलट को दी गई। खतरे को देखते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किया गया और विमान को दिल्ली ले जाने के बजाय अहमदाबाद डायवर्ट कर दिया गया।
घटना 31 अगस्त 2026 की है। अहमदाबाद पुलिस के मुताबिक फ्लाइट में 32 यात्री सवार थे। विमान ने शाम करीब **4:30 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे** पर आपात लैंडिंग की। विमान को मुख्य टर्मिनल से दूर एक सुरक्षित आइसोलेशन बे में ले जाया गया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
टॉयलेट में मिला संदिग्ध टिश्यू पेपर
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत विमान के टॉयलेट से हुई। उड़ान के दौरान केबिन क्रू के एक सदस्य को वहां एक टिश्यू पेपर मिला। उस पर अंग्रेजी में “BOMB” लिखा हुआ था।
विमान में बम होने की आशंका से जुड़ा कोई भी संदेश बेहद गंभीर माना जाता है। इसलिए क्रू ने इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत पायलट को सूचना दी। पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और सुरक्षा कारणों से विमान को अहमदाबाद की ओर मोड़ने का फैसला किया।
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी इसकी सूचना मिलते ही सुरक्षा और आपातकालीन एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया।
32 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
विमान के अहमदाबाद पहुंचने के बाद सबसे पहली प्राथमिकता यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित निकालने की थी।
लैंडिंग के तुरंत बाद विमान को सामान्य पार्किंग क्षेत्र में खड़ा करने के बजाय अलग सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद सभी यात्रियों को विमान से उतारकर टर्मिनल-2 में पहुंचाया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विमान में सवार सभी 32 यात्री सुरक्षित थे और घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
इसके बाद विमान की व्यापक सुरक्षा जांच शुरू की गई।
बम स्क्वॉड ने खंगाला पूरा विमान
संदिग्ध नोट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने किसी तरह का जोखिम नहीं लिया।
विमान के केबिन, सीटों और कार्गो होल्ड समेत अलग-अलग हिस्सों की जांच की गई। बम निरोधक दस्ते और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां भी कार्रवाई में शामिल हुईं।
लंबी जांच के बाद विमान के अंदर कोई विस्फोटक या दूसरी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद विमान को सुरक्षा की दृष्टि से क्लियर किया गया।
इससे यात्रियों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली, लेकिन जांच यहीं खत्म नहीं हुई। सबसे बड़ा सवाल अब यह था कि टिश्यू पेपर पर “BOMB” आखिर किसने लिखा था।
Air India Express ने क्या कहा?
Air India Express ने भी घटना को लेकर कहा कि दम्माम से दिल्ली जा रही उसकी फ्लाइट को एक विशिष्ट सुरक्षा खतरे की सूचना मिलने के बाद एहतियात के तौर पर अहमदाबाद डायवर्ट किया गया।
एयरलाइन के मुताबिक सरकार द्वारा नियुक्त **Bomb Threat Assessment Committee (BTAC)** को तुरंत सूचित किया गया और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाएं शुरू की गईं। यात्रियों को सुरक्षित उतारने के बाद विमान को जरूरी जांच के लिए रोका गया।
एयरलाइन ने बाद में कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है और यात्रियों, क्रू तथा विमान संचालन की सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी व्यवहार को गंभीरता से लेती है।
आखिर टिश्यू पेपर किसने लिखा?
सुरक्षा जांच में कोई विस्फोटक नहीं मिलने के बाद मामला संदिग्ध संदेश लिखने वाले व्यक्ति की पहचान पर केंद्रित हो गया।
जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण था कि टिश्यू पेपर विमान के टॉयलेट तक कैसे पहुंचा। क्या इसे किसी यात्री ने लिखा, चालक दल के किसी सदस्य की भूमिका थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी—इन सभी पहलुओं की जांच शुरू की गई।
यात्रियों के साथ विमान के स्टाफ से भी पूछताछ की गई। फोरेंसिक जांच की मदद भी ली जा रही थी।
जांच में को-पायलट पर भी संदेह की रिपोर्ट
घटना के कुछ दिन बाद जांच को लेकर एक नया मोड़ सामने आया। 4 सितंबर की एक रिपोर्ट में अहमदाबाद पुलिस के सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि जांच के दौरान **को-पायलट पर भी संदेह** किया जा रहा है।
हालांकि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि इसे किसी तरह का निष्कर्ष नहीं माना जाए। जांच पूरी नहीं हुई थी और को-पायलट की भूमिका साबित होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही थीं।
इसलिए किसी व्यक्ति को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
एक शब्द ने बदल दिया पूरी फ्लाइट का रास्ता
इस घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक टिश्यू पेपर पर लिखा केवल एक शब्द—“BOMB”—पूरी उड़ान को डायवर्ट करने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।
इसके पीछे वजह विमानन सुरक्षा के बेहद सख्त नियम हैं।
हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे विमान में अगर बम से संबंधित कोई संदिग्ध संदेश मिलता है तो क्रू यह अनुमान नहीं लगा सकता कि वह मजाक है या वास्तविक खतरा। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे गंभीर खतरे की तरह ही संभालना पड़ता है।
इसी वजह से पायलट ने दिल्ली तक उड़ान जारी रखने के बजाय अहमदाबाद में उतरने का फैसला किया।
अगर धमकी फर्जी हो तब भी गंभीर मामला
विमान की जांच में विस्फोटक नहीं मिलने से तत्काल खतरा टल गया, लेकिन फर्जी बम धमकी भी सामान्य शरारत नहीं मानी जाती।
ऐसी घटनाओं में विमान को डायवर्ट करना पड़ सकता है, एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय करनी पड़ती है और बम निरोधक दस्तों समेत कई एजेंसियों को तैनात करना पड़ता है।
इसका सीधा प्रभाव यात्रियों के साथ एयरलाइन और दूसरे विमान संचालन पर भी पड़ता है।
इसीलिए जांच एजेंसियों का अगला लक्ष्य संदेश लिखने वाले व्यक्ति तक पहुंचना है।
अहमदाबाद एयरपोर्ट क्यों चुना गया?
फ्लाइट दम्माम से दिल्ली जा रही थी, लेकिन संदिग्ध संदेश मिलने के बाद उसे अहमदाबाद की तरफ डायवर्ट किया गया।
आपात स्थिति में पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल कई बातों को ध्यान में रखकर उपयुक्त एयरपोर्ट चुनते हैं। इसमें विमान की तत्काल स्थिति, दूरी, ईंधन और संबंधित एयरपोर्ट पर उपलब्ध सुरक्षा तथा आपातकालीन सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।
अहमदाबाद पहुंचने से पहले ही एयरपोर्ट को सूचना मिल चुकी थी, जिससे विमान के उतरते ही सुरक्षा प्रक्रिया शुरू की जा सकी।
आज हुई IndiGo की अलग घटना से न हों भ्रमित
इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट करना जरूरी है।
**10 सितंबर 2026 को IndiGo की लखनऊ से दम्माम जा रही एक फ्लाइट को भी बम की धमकी के बाद अहमदाबाद में आपात रूप से उतारा गया है।** पुलिस सूत्रों के हवाले से इस घटना की पुष्टि हुई है।
लेकिन यह **31 अगस्त वाली टिश्यू पेपर की घटना से अलग मामला** है।
31 अगस्त की घटना में दम्माम से दिल्ली जा रही **Air India Express** फ्लाइट के टॉयलेट में “BOMB” लिखा टिश्यू पेपर मिला था। इसलिए दोनों खबरों को एक साथ जोड़ना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।
विमान में कोई विस्फोटक नहीं मिला
31 अगस्त की घटना में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि विमान की व्यापक तलाशी में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
सभी यात्री सुरक्षित रहे और विमान को आवश्यक जांच के बाद सुरक्षा मंजूरी दे दी गई।
लेकिन टिश्यू पेपर पर लिखा संदेश कहां से आया, किसने लिखा और इसके पीछे उद्देश्य क्या था—इन सवालों को लेकर जांच आगे बढ़ी।
यही इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर जांच में सामने आता है कि जानबूझकर फर्जी धमकी दी गई थी तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि विमानन सुरक्षा में छोटी से छोटी संदिग्ध गतिविधि को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। टॉयलेट में मिले एक टिश्यू पेपर ने कुछ ही मिनटों में पूरे विमान का रास्ता बदल दिया, अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया और 32 यात्रियों को आपात प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
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