गुजरात

कैंसर मरीजों को बड़ी राहत, AIIMS राजकोट में आधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधा शुरू

Ratna Netam
2 Nov 2026 7:42 PM IST
कैंसर मरीजों को बड़ी राहत, AIIMS राजकोट में आधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधा शुरू
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राजकोट। गुजरात के राजकोट में कैंसर के इलाज को आधुनिक और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) राजकोट में अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, किफायती और गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।एम्स राजकोट में शुरू की गई इस सुविधा से कैंसर के मरीजों को उपचार के नए विकल्प उपलब्ध होंगे। रेडियोथेरेपी कैंसर के इलाज की एक महत्वपूर्ण विधि है, जिसमें उच्च ऊर्जा वाली विकिरण किरणों की सहायता से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने या उनकी वृद्धि को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से उपचार को अधिक सटीक बनाया जा सकता है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों पर विकिरण के प्रभाव को सीमित करने में मदद मिलती है।
कैंसर के इलाज में आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में समय पर जांच, सही निदान और उपयुक्त चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी है। कई प्रकार के कैंसर में रेडियोथेरेपी उपचार का प्रमुख हिस्सा होती है। इसका इस्तेमाल बीमारी के प्रकार और अवस्था के अनुसार अकेले या सर्जरी तथा कीमोथेरेपी के साथ किया जाता है।आधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीक से चिकित्सकों को कैंसर प्रभावित हिस्से पर अधिक सटीकता के साथ विकिरण देने में सहायता मिलती है। इससे उपचार की योजना मरीज की जरूरतों के अनुसार तैयार की जा सकती है। हालांकि, उपचार के परिणाम कैंसर के प्रकार, उसकी अवस्था और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।एम्स राजकोट में रेडियोथेरेपी सुविधा शुरू होने से क्षेत्र में कैंसर उपचार की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। विशेष रूप से उन मरीजों को लाभ मिल सकता है, जिन्हें अब तक विशेष उपचार के लिए दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों की ओर रुख करना पड़ता था।
हर नागरिक को बेहतर इलाज देने पर सरकार का जोर
उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी नागरिकों की पहुंच सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कैंसर के उपचार में आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और मजबूत स्वास्थ्य ढांचे की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।केंद्र सरकार का प्रयास देश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है, ताकि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को महानगरों पर ही निर्भर न रहना पड़े।एम्स जैसे राष्ट्रीय महत्व के चिकित्सा संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन संस्थानों में उपचार के साथ चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा दिया जाता है।
नई रेडियोथेरेपी सुविधा में उपलब्ध होंगी आधुनिक मशीनें
एम्स राजकोट की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, नई सुविधा में हाई एनर्जी लीनियर एक्सेलेरेटर (LINAC), हाई डोज रेट (HDR) ब्रैकीथेरेपी और विशेष वाइड-बोर सीटी सिम्युलेटर जैसी आधुनिक तकनीक शामिल हैं। इन उपकरणों का इस्तेमाल कैंसर के उपचार की योजना बनाने और सटीक विकिरण देने के लिए किया जाता है।लीनियर एक्सेलेरेटर की सहायता से शरीर के भीतर मौजूद कैंसरग्रस्त हिस्से पर बाहर से विकिरण दिया जाता है। वहीं ब्रैकीथेरेपी में विकिरण स्रोत को कैंसर प्रभावित हिस्से के भीतर या उसके नजदीक रखा जाता है। सीटी सिम्युलेटर उपचार शुरू होने से पहले प्रभावित क्षेत्र की पहचान और रेडियोथेरेपी की योजना तैयार करने में सहायता करता है।इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से सौराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक कैंसर उपचार की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।
मरीजों को दूसरे शहरों की यात्रा से मिल सकती है राहत
अब तक विशेष कैंसर उपचार की जरूरत वाले अनेक मरीजों को अहमदाबाद या मुंबई जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। दूसरे शहरों में इलाज कराने से मरीजों और उनके परिजनों पर यात्रा, ठहरने और अन्य खर्चों का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।रेडियोथेरेपी के कई उपचारों में मरीज को निर्धारित अंतराल पर अस्पताल पहुंचना पड़ता है। ऐसे में घर के नजदीक विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध होने से उपचार की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।एम्स राजकोट की नई व्यवस्था से विशेष रूप से सौराष्ट्र के मरीजों को राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, प्रत्येक मरीज के लिए उपयुक्त उपचार का निर्णय विशेषज्ञ चिकित्सक उसकी बीमारी और जांच रिपोर्ट के आधार पर करेंगे।
आयुष्मान भारत योजना से कैंसर मरीजों को सहायता
केंद्र सरकार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इस योजना में पात्र लाभार्थियों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है।कैंसर से संबंधित अनेक उपचार भी निर्धारित पैकेजों के अंतर्गत शामिल हैं। फरवरी 2025 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, योजना में मेडिकल, सर्जिकल, रेडिएशन और पैलिएटिव ऑन्कोलॉजी से जुड़े 219 उपचार पैकेज उपलब्ध थे।इस प्रकार की योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में सहायता प्रदान करना है।
कैंसर की समय पर पहचान भी बेहद जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कैंसर के खिलाफ लड़ाई में समय पर जांच और जागरूकता को महत्वपूर्ण मानते हैं। बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर कई प्रकार के कैंसर में उपचार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच के लिए देशभर में स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। तंबाकू का सेवन, अत्यधिक शराब पीना, कुछ संक्रमण और अन्य जोखिम कारक कैंसर की संभावना बढ़ा सकते हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में असामान्य गांठ, लगातार रक्तस्राव, लंबे समय तक ठीक नहीं होने वाले घाव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
एम्स राजकोट में आधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे कैंसर मरीजों के लिए विशेषज्ञ उपचार की उपलब्धता बढ़ने के साथ चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण को भी लाभ मिल सकता है।केंद्र सरकार का उद्देश्य बड़े महानगरों के साथ अन्य क्षेत्रों में भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना है। एम्स राजकोट की नई सुविधा इसी दिशा में एक और पहल है।आने वाले समय में विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशिक्षित कर्मचारियों और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता इस सुविधा की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी। इससे कैंसर के मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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