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सूरत। गुजरात के सूरत शहर में दीपावली के त्योहार को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पटाखों और आतिशबाजी के कारण आग लगने की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए शहर के सभी 27 फायर स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सूरत महानगरपालिका के फायर एंड इमरजेंसी सर्विस विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाना और आग से होने वाले नुकसान को कम करना है।अग्निशमन विभाग ने शहर के सभी फायर स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों और दमकल वाहनों की तैनाती की है। विभाग के अनुसार, दिवाली के दौरान आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। खासकर पटाखों के इस्तेमाल में लापरवाही, बिजली की सजावट और ज्वलनशील सामग्री के कारण दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की हैं।सूरत के डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर प्रकाश हेडाऊ ने बताया कि शहर में कुल 27 फायर स्टेशन हैं और प्रत्येक स्टेशन पर दो-दो टीमों को तैनात किया गया है। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और दमकल वाहनों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि पटाखे जलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी आग लगने की बड़ी घटना का कारण बन सकती है।
अगले चार दिनों तक नहीं मिलेगी छुट्टी
डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर प्रकाश हेडाऊ के अनुसार, दिवाली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभाग ने अगले चार दिनों तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इस अवधि में किसी भी कर्मचारी को अवकाश नहीं दिया जाएगा।विभाग का कहना है कि त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोग घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर दीपक तथा पटाखे जलाते हैं। ऐसे समय में आग लगने की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक होती है।इसी वजह से फायर स्टेशनों पर पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। विभाग ने सभी टीमों को निर्देश दिया है कि आपातकालीन कॉल मिलते ही बिना देरी किए घटनास्थल के लिए रवाना हों।
प्रत्येक फायर स्टेशन पर दो टीमें तैनात
सूरत अग्निशमन विभाग ने शहर के सभी 27 फायर स्टेशनों पर दो-दो टीमों की तैनाती की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य एक साथ अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की स्थिति में भी तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।अधिकारियों के अनुसार, सभी दमकल वाहनों को तैयार रखा गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक फायर स्टेशन पर पानी के टैंकर और जेसीबी मशीनों की व्यवस्था भी की गई है।पानी के टैंकर आग बुझाने के दौरान अतिरिक्त जल आपूर्ति में मदद करेंगे, जबकि जेसीबी मशीनों का उपयोग आवश्यकता पड़ने पर बचाव कार्यों में किया जा सकेगा।विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारियों और संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखा गया है।
100 से अधिक दमकल वाहन और उपकरण तैयार
सूरत महानगरपालिका के चीफ फायर ऑफिसर बसंत पारिख ने बताया कि दिवाली के मद्देनजर विभाग ने 100 से अधिक दमकल वाहनों और अग्निशमन उपकरणों की सर्विसिंग कराई है। शहर के सभी नौ जोन में दमकल वाहनों को चौबीसों घंटे तैयार रखने की व्यवस्था की गई है।विभाग के 1,000 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तथा साप्ताहिक अवकाश रद्द किए गए हैं। कर्मचारियों के लिए 12 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी की व्यवस्था की गई है।आग बुझाने के लिए आधुनिक फायर इंजन, हाइड्रोलिक लैडर, रेस्क्यू टेंडर, क्रेन, थर्मल इमेजिंग कैमरे और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इन संसाधनों का उपयोग ऊंची इमारतों, संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में आपात स्थिति से निपटने के लिए किया जा सकेगा।
पटाखों की दुकानों की जांच जारी
अग्निशमन विभाग ने पटाखों की बिक्री करने वाली दुकानों और स्टॉलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच भी शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि पटाखों के भंडारण और बिक्री वाले स्थानों पर आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होना जरूरी है।विभाग की टीमें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि पटाखों के स्टॉलों पर आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हों। किसी भी आपात स्थिति में आग पर तत्काल नियंत्रण पाने के लिए कर्मचारियों को तैयार रखा गया है।अधिकारियों ने दुकानदारों और नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और पटाखों के आसपास किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
112 और 101 नंबर पर मिलेगी आपातकालीन सहायता
डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर प्रकाश हेडाऊ ने बताया कि अग्निशमन विभाग आपातकालीन सेवा नंबर 112 और फायर हेल्पलाइन 101 के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहा है।इन नंबरों पर आग लगने या अन्य आपात स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित फायर स्टेशन को जानकारी भेजी जाएगी। विभाग का प्रयास है कि शिकायत प्राप्त होते ही नजदीकी दमकल टीम घटनास्थल पर पहुंचे।दमकल वाहनों में मोबाइल डेटा टर्मिनल तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे घटनास्थल की जानकारी प्राप्त करने और सहायता भेजने में सुविधा होगी।
नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
अग्निशमन विभाग ने नागरिकों से दिवाली के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। चीफ फायर ऑफिसर बसंत पारिख के अनुसार, त्योहार के दौरान लापरवाही के कारण विभाग को बड़ी संख्या में आग लगने की सूचनाएं मिलती हैं।उन्होंने लोगों से पटाखे खुले स्थानों पर जलाने और बच्चों को अकेले आतिशबाजी नहीं करने देने की सलाह दी है। पटाखे जलाते समय पानी और रेत से भरी बाल्टियां पास रखने को भी कहा गया है।इसके अलावा घरों में जलते हुए दीये छोड़कर बाहर नहीं जाने की अपील की गई है। पर्दों और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं के संपर्क में आने से आग लगने का खतरा रहता है। बिजली की सजावट और उपकरणों के इस्तेमाल में भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
सुरक्षित दिवाली मनाने पर विभाग का जोर
सूरत अग्निशमन विभाग की तैयारियों का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सभी 27 फायर स्टेशनों पर विशेष तैनाती, कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया गया है।विभाग ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों का सहयोग भी उतना ही आवश्यक है। पटाखों का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल और आग से बचाव के नियमों का पालन करके दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सकती है।
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