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गुजरात में नौसेना प्रमुख की जवानों संग दिवाली, सुरक्षा तैयारियों का भी लिया जायजा

Ratna Netam
8 Nov 2026 7:45 PM IST
गुजरात में नौसेना प्रमुख की जवानों संग दिवाली, सुरक्षा तैयारियों का भी लिया जायजा
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नई दिल्ली। दीपावली के पावन अवसर पर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन गुजरात पहुंचे और वहां अग्रिम मोर्चे पर तैनात नौसेना के अधिकारियों तथा जवानों के साथ त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होंने नौसेना के अग्रिम परिचालन बेस और राज्य में स्थित अन्य इकाइयों का दौरा किया। जवानों के साथ दिवाली की खुशियां साझा करने के अलावा उन्होंने नौसैनिक इकाइयों की परिचालन तैयारियों, बुनियादी ढांचे के विकास और सैन्य क्षमताओं की समीक्षा भी की।रविवार, 8 नवंबर 2026 को भारतीय नौसेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इस दौरे की जानकारी साझा की। नौसेना के अनुसार, एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने गुजरात में स्थित अग्रिम परिचालन बेस और दूरस्थ नौसैनिक इकाइयों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने वहां तैनात नौसेना कर्मियों के साथ दीपावली का त्योहार मनाया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।नौसेना प्रमुख का यह दौरा ऐसे समय हुआ, जब देशभर में दीपावली का उत्सव मनाया जा रहा था। त्योहार के दौरान भी अपनी ड्यूटी निभा रहे नौसैनिक कर्मियों के बीच पहुंचकर उन्होंने उनके समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और पेशेवर प्रतिबद्धता की सराहना की।
जवानों के साथ साझा की दीपावली की खुशियां
दीपावली के अवसर पर नौसेना प्रमुख ने गुजरात के अग्रिम नौसैनिक प्रतिष्ठानों में तैनात अधिकारियों और नाविकों से मुलाकात की। उन्होंने सभी को त्योहार की शुभकामनाएं दीं और उनके साथ समय बिताया।भारतीय नौसेना के अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य उन कर्मियों के योगदान को सम्मान देना था, जो अपने परिवारों से दूर रहकर देश की समुद्री सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।नौसेना में त्योहारों के दौरान भी ड्यूटी और परिचालन जिम्मेदारियां जारी रहती हैं। कई अधिकारी और जवान अपने परिवारों से दूर रहकर समुद्री क्षेत्रों और अग्रिम प्रतिष्ठानों में तैनात रहते हैं। ऐसे में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का उनके बीच पहुंचना जवानों का उत्साह बढ़ाने और संगठन के भीतर आपसी जुड़ाव मजबूत करने का अवसर होता है।एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने नौसैनिक कर्मियों के समर्पण की सराहना की और भारतीय नौसेना की पहचान माने जाने वाले आपसी सहयोग, भाईचारे और सौहार्द की भावना को साझा किया।
परिचालन तैयारियों का लिया जायजा
दिवाली समारोह के साथ नौसेना प्रमुख ने गुजरात में स्थित नौसैनिक इकाइयों की परिचालन तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न इकाइयों की मौजूदा क्षमताओं और किसी भी परिस्थिति में जिम्मेदारियों को निभाने की तैयारियों का जायजा लिया।इस दौरान नौसेना प्रमुख ने संबंधित अधिकारियों से इकाइयों की कार्यप्रणाली और उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी प्राप्त की। परिचालन तैयारियों की समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नौसेना की इकाइयां अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों को प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए तैयार रहें।गुजरात में स्थित नौसैनिक प्रतिष्ठान भारतीय नौसेना की पश्चिमी समुद्री क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन इकाइयों की तैयारियों और क्षमताओं की समय-समय पर समीक्षा करना आवश्यक है।
बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाओं पर भी नजर
दौरे के दौरान एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने गुजरात में नौसैनिक इकाइयों के बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौजूदा सुविधाओं और भविष्य में प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी ली।नौसेना के परिचालन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक सुविधाओं, बेहतर संसाधनों और आवश्यक आधारभूत ढांचे का विकास महत्वपूर्ण माना जाता है। अग्रिम परिचालन बेस और दूरस्थ इकाइयों में उपलब्ध सुविधाएं नौसेना के नियमित कामकाज तथा परिचालन क्षमता को प्रभावित करती हैं।नौसेना प्रमुख ने इस दौरे के दौरान इकाइयों की क्षमताओं और विकास योजनाओं का जायजा लेकर उनकी तैयारियों की समीक्षा की। हालांकि, नौसेना की ओर से इस दौरे के संबंध में किसी विशेष नई परियोजना, बजट या अतिरिक्त सैन्य संसाधन की घोषणा नहीं की गई।
पश्चिमी समुद्री क्षेत्र के लिए गुजरात का महत्व
गुजरात की लंबी समुद्री तटरेखा और अरब सागर से जुड़ी भौगोलिक स्थिति इसे भारत की समुद्री सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाती है। राज्य में स्थित बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों के कारण यहां नौसेना की तैनाती और निगरानी व्यवस्था का विशेष महत्व है।पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में नौसेना की इकाइयां समुद्री निगरानी, सुरक्षा और राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा से संबंधित जिम्मेदारियां निभाती हैं। ऐसे में गुजरात के अग्रिम परिचालन बेस और अन्य नौसैनिक प्रतिष्ठानों की सक्रियता महत्वपूर्ण है।नौसेना प्रमुख का दौरा इन इकाइयों की तैयारियों, उपलब्ध क्षमताओं और बुनियादी ढांचे के विकास की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।
नौसेना की परंपरा में अनुशासन और भाईचारे का महत्व
भारतीय नौसेना में अनुशासन, टीम भावना और आपसी सहयोग को विशेष महत्व दिया जाता है। कठिन परिस्थितियों में तैनात नौसैनिक कर्मियों के लिए आपसी विश्वास और सामूहिक जिम्मेदारी उनकी कार्यक्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों का जवानों के बीच पहुंचना इसी परंपरा को मजबूत करने का अवसर होता है। एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने भी गुजरात दौरे के दौरान नौसैनिक कर्मियों के साथ त्योहार मनाकर उनके योगदान को सम्मान दिया।
ऑपरेशनल क्षमता मजबूत करने पर नौसेना का जोर
`नौसेना प्रमुख का गुजरात दौरा दो महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित रहा। एक ओर उन्होंने अग्रिम मोर्चे पर तैनात नौसेना कर्मियों के साथ दीपावली मनाई, वहीं दूसरी ओर राज्य की नौसैनिक इकाइयों की परिचालन तैयारियों और विकास योजनाओं की समीक्षा की।इस दौरे से नौसेना की उस प्राथमिकता का भी पता चलता है, जिसके तहत कर्मियों का मनोबल बनाए रखने के साथ परिचालन क्षमताओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
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