गुजरात

Banas डेयरी में नई क्रांति की तैयारी PM मोदी करेंगे आधुनिक स्टोरेज सिस्टम का शुभारंभ

Ratna Netam
27 Oct 2026 3:02 PM IST
Banas डेयरी में नई क्रांति की तैयारी PM मोदी करेंगे आधुनिक स्टोरेज सिस्टम का शुभारंभ
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पालनपुर : 27 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा जिले के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वे पालनपुर स्थित बनास डेयरी परिसर में स्थापित अत्याधुनिक स्वचालित भंडारण एवं पुनर्प्राप्ति प्रणाली (Automated Storage and Retrieval System- ASRS) का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना डेयरी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कई अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी बनास डेयरी की व्यवस्था
पालनपुर में बनास डेयरी परिसर में तैयार की गई आधुनिक भंडारण प्रणाली का उद्देश्य उत्पादों के रखरखाव और वितरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।स्वचालित भंडारण एवं पुनर्प्राप्ति प्रणाली यानी एएसआरएस आधुनिक वेयरहाउसिंग तकनीक है। इसमें कंप्यूटर नियंत्रित मशीनों की सहायता से सामान को निर्धारित स्थान पर रखा और आवश्यकता पड़ने पर निकाला जाता है।इस तकनीक से भंडारण की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम करने, उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने और माल की आवाजाही में लगने वाले समय को घटाने में मदद मिल सकती है।बनास डेयरी जैसे बड़े सहकारी संस्थान के लिए इस प्रकार की व्यवस्था उत्पादों के प्रबंधन और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो सकती है।
30 अक्टूबर को बनासकांठा पहुंचेंगे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी 30 अक्टूबर को बनासकांठा जिले के दीसा के समीप भीलड़ी में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे।इस अवसर पर वे बनास डेयरी से जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री का किसानों, महिला दुग्ध उत्पादकों और युवाओं से संवाद करने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
325 करोड़ रुपये के अनुसंधान केंद्र का भी उद्घाटन
प्रधानमंत्री के दौरे की एक अन्य प्रमुख परियोजना भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) है।दीसा के समीप लगभग 127 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अनुसंधान केंद्र पर करीब 325 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैंइस केंद्र में पशु नस्ल सुधार के लिए ओवम पिक-अप, इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (OPU-IVF) और भ्रूण प्रत्यारोपण जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।केंद्र का लक्ष्य प्रतिवर्ष लगभग 25 हजार भ्रूण तैयार करना है। इससे स्वदेशी गोवंश की आनुवंशिक गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादन क्षमता बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
किसानों और पशुपालकों को मिल सकता है लाभ
बनास डेयरी गुजरात की प्रमुख सहकारी दुग्ध उत्पादक संस्थाओं में शामिल है। इससे बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक जुड़े हुए हैं।आधुनिक भंडारण प्रणाली शुरू होने से डेयरी उत्पादों के प्रबंधन में दक्षता बढ़ने की उम्मीद है। इससे उत्पादन और वितरण की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो सकती है।विशेषज्ञों के अनुसार, डेयरी उद्योग में बेहतर भंडारण और आपूर्ति प्रबंधन से परिचालन लागत को नियंत्रित करने तथा उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।हालांकि, नई प्रणाली से किसानों की आय में कितनी वृद्धि होगी, इसका आकलन उसके वास्तविक संचालन और आर्थिक परिणामों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
आलू प्रसंस्करण और बायो-CNG परियोजनाओं को भी बढ़ावा
प्रधानमंत्री के दौरे में केवल डेयरी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि कृषि प्रसंस्करण और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं।कार्यक्रम के दौरान सनादर स्थित आलू प्रसंस्करण संयंत्र की क्षमता विस्तार परियोजना का उद्घाटन प्रस्तावित हैइसके अलावा राधनपुर और थराद में गोबर आधारित बायो-सीएनजी संयंत्रों का भूमिपूजन किया जाएगा।इन परियोजनाओं का उद्देश्य पशुपालन से निकलने वाले अपशिष्ट का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में करना और ग्रामीण क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
सहकारी डेयरी क्षेत्र के विकास पर जोर
गुजरात में सहकारी डेयरी आंदोलन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बनास डेयरी ने दूध प्रसंस्करण के साथ पनीर, यूएचटी दूध, प्रोटीन उत्पाद और अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण में भी अपनी गतिविधियों का विस्तार किया है।केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की पूर्व जानकारी के अनुसार, पालनपुर परिसर में उन्नत प्रसंस्करण सुविधाओं के माध्यम से उच्च प्रोटीन वाली लस्सी, छाछ और अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं।प्रधानमंत्री के आगामी दौरे से बनास डेयरी की तकनीकी क्षमताओं को और विस्तार मिलने की उम्मीद है। 30 अक्टूबर को प्रस्तावित उद्घाटन के बाद आधुनिक भंडारण प्रणाली डेयरी संचालन का हिस्सा बनेगी। इस परियोजना को गुजरात के सहकारी डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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