छत्तीसगढ़

बिजली बिल शून्य, सूर्यघर योजना लोकप्रिय योजना

Nilmani Pal
2 Dec 2025 5:05 PM IST
बिजली बिल शून्य, सूर्यघर योजना लोकप्रिय योजना
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रायपुर। भारत में बढ़ती बिजली दरें, घरेलू खर्च का दबाव और पर्यावरणीय चुनौतियाँ के समाधान की दिशा में फरवरी 2024 में केंद्र सरकार ने PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की थी। इस योजना का उद्देश्य था प्रत्येक घर को 'ऊर्जा उत्पादक' बनाना, छतों पर सौर पैनल लगाना और सब्सिडी के माध्यम से बिजली को लगभग मुफ्त करना। छत्तीसगढ़ ने इस मिशन को तेजी से अपनाया और विष्णु देव साय सरकार ने न केवल केंद्र की योजना को लागू किया, बल्कि राज्य स्तर पर अतिरिक्त सब्सिडी देकर सौर ऊर्जा को और सुलभ बनाया।


योजना का शुभारंभ और छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी

फरवरी 2024 में योजना की राष्ट्रीय शुरुआत के बाद, छत्तीसगढ़ ने इसे तेजी से लागू किया। राज्य सरकार ने केंद्र की सब्सिडी के ऊपर अतिरिक्त ₹30,000 तक की सहायता देने का निर्णय लिया। राज्य में 618 लाभार्थियों के खातों में कुल ₹1.85 करोड़ की सब्सिडी सीधे DBT के माध्यम से भेजी गई। इससे आम नागरिकों के लिए सोलर पैनल लगवाना बेहद आसान और किफायती हो गया। सरकार ने 'डबल सब्सिडी मॉडल' को प्रदेशभर में अपनाने की योजना बनाई है, ताकि आने वाले दो वर्षों में सौर ऊर्जा की पहुँच हर घर तक बढ़ सके।


भारत में योजना की अब तक की प्रगति

देश में योजना की गति काफी तेज रही है और आंकड़े इसे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। अब तक 47.3 लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, 10 लाख से अधिक घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, और 6.13 लाख लोगों के खातों में कुल ₹4,770 करोड़ की सब्सिडी ट्रांसफर की गई है। इसके अलावा, 3 GW से अधिक रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ भी इन आंकड़ों में मजबूत हिस्सेदारी निभा रहा है और राज्य सरकार इसे “ऊर्जा क्रांति” की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही है।

छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के लाभ

सोलर पैनल लगने के बाद कई घरों में बिजली खर्च में भारी कमी आई है, और कई परिवारों ने शून्य बिल का अनुभव किया है। राज्य सरकार का दावा है कि 'आधी छूट से पूर्ण मुफ्त बिजली की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।' छत्तीसगढ़ में अब तक साढ़े 12 हजार घरों की छतों पर ही सोलर पैनल लग चुके है और वहीं इस समय आवेदन एक लाख के पार हो गए हैं जिसमे बाकी घरों में सोलर पैनल लगने की प्रक्रिया चालु है। इस पहल से न केवल घरों के बिजली खर्च में राहत मिली है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और ऊर्जा उपयोग की आदतों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

डबल सब्सिडी से मिलेगा डबल लाभ

छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को और किफायती बनाने के लिए डबल सब्सिडी मॉडल लागू किया गया है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार मिलकर सोलर संयंत्रों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे हैं।

1 किलोवाट संयंत्र पर 30 हजार केंद्र और 15 हजार राज्य के मिलाकर 45 हजार रुपए की सब्सिडी, 2 किलोवाट संयंत्र पर 60 हजार केंद्र और 30 हजार राज्य के मिलाकर 90 हजार रुपए की सब्सिडी, 3 किलोवाट संयंत्र पर 78 हजार केंद्र और 30 हजार राज्य के मिलाकर 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी दी जाती है। इन संयंत्रों से क्रमशः 120, 240 और 360 यूनिट तक बिजली निःशुल्क प्राप्त की जा सकती है, जिससे उपभोक्ताओं के मासिक खर्च में भारी कमी आती है। योजना के अंतर्गत लगाए जाने वाले सोलर पैनलों की 25 साल की वारंटी और 5 साल का फ्री संधारण अधिकृत वेंडर द्वारा किया जाएगा।

पर्यावरणीय लाभ और स्वच्छ ऊर्जा की ओर कदम

सौर ऊर्जा के बढ़ते इस्तेमाल से कोयले पर निर्भरता घट रही है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आ रही है। साथ ही, हर घर अब 'ऊर्जा उत्पादक' बनने की दिशा में बढ़ रहा है, जिससे न केवल पर्यावरणीय संरक्षण में मदद मिल रही है बल्कि स्वच्छ और सतत ऊर्जा की ओर भी कदम बढ़ रहे हैं।

प्रदेश का पहला सोलर विलेज- नाथूकोन्हा गांव

धमतरी जिले का नाथूकोन्हा (नाथू कान्हा) गांव प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत छत्तीसगढ़ का पहला सोलर विलेज घोषित किया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दौरे के दौरान सरपंच अकबर मंडावी को इसका प्रमाण पत्र भी दिया।

गांव के सभी 27 आदिवासी परिवारों के घरों में सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं, जिससे पूरा गांव अब सौर ऊर्जा से रोशन होता है। इस पहल से ग्रामीणों को 12 महीने तक मुफ्त और लगातार बिजली मिल रही है, जिससे उनका जीवन काफी आसान और सुविधाजनक बन गया है। यह उपलब्धि सौर ऊर्जा क्षेत्र में भारत की एक और महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

जागरूकता अभियान- 'सूर्य रथ'

छत्तीसगढ़ सरकार ने मोबाइल वैन 'सूर्य रथ' लॉन्च की है, जो गाँव-गाँव जाकर लोगों को योजना की जानकारी दे रही है। यह वैन लोगों को सोलर इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया समझा रही है और सब्सिडी, ईएमआई विकल्प और मिलने वाले लाभ के बारे में बताकर उन्हें प्रेरित कर रही है, ताकि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा का लाभ उठा सकें।

2027 तक 5 लाख लोगों को मिलेगा योजना का लाभ

छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य आने वाले 2025–27 के वर्षों में सोलर क्षमता को कई गुना बढ़ाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि, 'प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च 2027 तक प्रदेश के 1 लाख 30 हजार घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन हमारा प्रयास इससे भी आगे बढ़कर इसे 5 लाख छतों तक पहुँचाने का है।' इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बड़ी सब्सिडी दी जा रही है। 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट क्षमता तक के सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार से लेकर 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है। इससे उपभोक्ताओं को कुल लागत का 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है।

घर और लॉज पर सोलर लगाकर घटाया बिजली खर्च

बेमेतरा के धनेश गुप्ता ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर और लॉज पर सोलर सिस्टम लगवाकर बिजली बिल लगभग शून्य कर दिया है। योजना के तहत केंद्र और राज्य से मिली सब्सिडी और बैंक फाइनेंस की सुविधा से लागत कम हुई और निवेश दो-तीन साल में वसूल हो जाएगा। अब वे मुफ्त बिजली के साथ अतिरिक्त आय भी कमा रहे हैं। इस पहल से न केवल आर्थिक बचत और आय बढ़ी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिल रहा है।धनेश गुप्ता ने जनता से योजना से जुड़ने की अपील की है।

सौर ऊर्जा से आर्थिक बचत और स्वच्छ पर्यावरण

रायगढ़ के दिलीप कुमार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर पर सोलर पैनल लगवाए और अब उनका मासिक बिजली बिल लगभग समाप्त हो गया है। सरकारी सब्सिडी और कंपनी की मदद से प्रक्रिया आसान रही। इस कदम से उन्हें आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिला, और उनका घर अब स्वच्छ सौर ऊर्जा से अपनी बिजली स्वयं उत्पन्न कर रहा है।

सुभाष के घर का बिजली बिल हुआ शून्य

पत्थलगांव के सुभाष मिंज ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर पर 3 केवी क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया, जिससे उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी से लागत कम हुई और सौर ऊर्जा अपनाकर उन्होंने आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया। यह योजना नागरिकों को बिजली उपभोक्ता से उत्पादक बनने का अवसर प्रदान कर रही है और छत्तीसगढ़ में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

छत्तीसगढ़ के घरों में आई रोशनी

छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य की संयुक्त पहल ने 'मुफ्त या बेहद सस्ती बिजली' की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। सौर ऊर्जा अब केवल एक विकल्प नहीं रह गई बल्कि आम जनता की जीवनशैली का हिस्सा बनती जा रही है। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है- बिजली बिल कम करना, हर घर को ऊर्जा-उत्पादक बनाना और राज्य को स्वच्छ-ऊर्जा मॉडल बनाना। इस पहल से न केवल आर्थिक राहत मिल रही है बल्कि सतत और पर्यावरण-मित्र ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा भी मिल रहा है।

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