
कांकेर। जिले के युवाओं ने खराब सड़क से परेशान होकर खुद श्रमदान शुरू किया. उन्होंने गांव की मुख्य सड़क में पड़े गड्ढों को मुरुम और मिट्टी से भरना शुरू कर दिया. इस अभियान को सोशल मीडिया पर काफी समर्थन मिला.
युवाओं ने प्रशासन को चेताया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. अब यह अभियान जन आंदोलन का रूप ले रहा है. गांव के बुजुर्गों ने भी युवाओं की प्रशंसा की है. इससे प्रशासन पर दबाव बना है कि सड़क मरम्मत शीघ्र कराई जाए. स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निष्क्रियता का आरोप लग रहा है. युवाओं ने हर रविवार श्रमदान जारी रखने का ऐलान किया है.
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नारायणपुर। जिले में बाल टीकाकरण अभियान को लेकर प्रशासन की पहल रंग लाई. जिले के दूरस्थ इलाकों में जाकर स्वास्थ्य टीमों ने बच्चों को नियमित टीके लगाए. इस अभियान में पहली बार मोबाइल टीका वाहन का प्रयोग किया गया. ग्रामीण महिलाओं ने टीकाकरण में सक्रिय सहयोग दिया. छोटे बच्चों के अभिभावकों को जागरूक किया गया. पोषण ट्रैकिंग कार्ड के जरिए निगरानी की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग ने इसे 100% कवरेज की ओर बढ़ता कदम बताया. अभियान के दौरान बच्चों को पौष्टिक आहार भी वितरित किया गया. प्रशासन ने इसे राज्य के लिए मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने की योजना बनाई है. जनजातीय बहुल क्षेत्र में इस सफलता को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.





