
कैलाश यादव/ज़ाकिर घुरसेना
काल मी अब निकाल मी
अति का अंत होता है चाहे आप करो या आपका गुर्गा करें अंत तो सभी का तय है । वही हाल हो रहा है राजकुमार बोथरा के कॉल सर्विस का । मेकाहारा अस्पताल सहित प्रदेशभर से इनका ठेका निरस्त करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जयसवाल को ज्ञापन सौंपा है. कॉल मी कम्पनी द्वारा शासन को लगाए जा रहे वित्तीय चूना और कर्मचारियों के शोषण का भांडा फूट चुका है। पत्रकारों से दुर्व्यवहार कर काल मी ने काल बुला लिया है। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का कहना है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में कॉल मी सर्विस, सफाई एवं सुरक्षा का ठेका कई वर्षों से अस्पताल प्रशासन से सांठ-गांठ से चल रहा है । ठेका देने वाले भी जल्द जद में आने वाले है। बाउंसर को सफाई का नहीं दुर्व्यवहार का ठेका दिया जाता था। वहां चल रहे अंदेर गर्दी को छुपाने के लिए बाउंसर छोड़ दिया जाता था। जिससे वहां कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है. इनके बाउंसरों को मेकाहारा में हो रहे काले कारनामे को मीडिया से बचाने के लिए ठेका दिया जाता है। जनता में खुसर-फुसुर है कि अच्छा है कि ये डाक्टर नहीं है, नहीं तो ये मरीजों की ही सफाई कर सकते थे। लोगों का कहना है कि जब अस्पताल है तो बाउंसरों को क्यों रखा जाता है। इतने पैसे में तो 10 और डाक्टरों की भर्ती कर चरमराई व्यवस्था को सुधारा जा सकता है।
अवैध बांग्लादेशी और पाकिस्तानियों को खदेड़ने के लिए सरकार पूरी तरह कमर कस ली है। पुलिस भी लगातार घुसपैठियों को पकड़ रही है पर उनकी संख्या कम नहीं हो रही है। खासकर कवर्धा, दुर्ग-भिलाई जिले में थोक में घुसपैठिये मिल रहे है। जो आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए है। प्रदेश में अवैध घुसपैठ के प्रकरणों पर गंभीरता से कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने सभी जिलों के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के नोडल अधिकारी को उन्होंने दो टूक कहा कि हम प्रदेश को घुसपैठ का शिकार नहीं बनने देंगे। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को सिर्फ एक रूटीन ड्यूटी न समझते हुए इसे राष्ट्र और समाज की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर उत्तरदायित्व मानकर पूरी निष्ठा से करें। जनता मे खुसुर-फुसुर है कि सबसे ज्यादा घुसपैठिये तो कवर्धा जिले में मिल रहे है। सरकार को चाहिए की सबसे पहले इनके लोकल आकाओ्ं पर शिकंजा कसे जो उन्हें वोट के लालच में राशनकार्ड, मतदाता परिचय पत्र, आयुष्मान कार्ड की सुविधा मुहैया कराए है। पकड़े गए घुसपैठियों का क्या हुआ यह भी सरकार को बताना चाहिए क्योंकि घुसपैठिये मामले में राजनीति ऊपर से नीचे तक हो रही है। फिर ऊपर वाला कौन और नीचे वाला कौन है। यह जनता जानना चाहती है।
अंडा से अंडरवर्ड तक का सफर
तथाकथित करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तोमर और हिस्ट्रीशीटर रोहित सिंह तोमर के मकान पर छापा मारकर लाखों रुपए नकदी, सोने-चांदी के जेवर, लक्जरी गाड़ियां, अवैध हथियार, जमीनों के दस्तावेज, नोट गिनने की मशीन जब्त किए हैं. वहीं दिव्यांश तोमर को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक दोनों भाइयों पर हत्या और हत्या के प्रयास सहित 20 अपराध दर्ज हैं। अंडा ठेला से अंडरवर्ड तक का सफर तय करने में वीरेंद्र और रोहित तोमर लक्जरी गाड़ियों तक पहुचाने में किसका हाथ है। टिकरापारा में जिस जगह पर ठेला लगाते थे वहां की जमीन तक को हड़प लिया और आलीशान रंग महल बना दिया.
लोगों ने बताया कि दरअसल आरोपी दस गुना ब्याज पर कर्ज देने के बदले में ब्याज के नाम ब्लैंक चेक में साइन करवा कर रख लेते थे.पांच महीने पहले म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी के मामले में पुलिस ने कमल खट्टर को गिरफ्तार किया था. जांच में पता चला था कि आरोपी के नाम से कई गाड़ियां हैं. इसके बाद पुलिस ने 13 गाड़ियां तोमर बंधुओं के घर से जब्त की थी। जनता में खसुर-फुसुर है कि अफशरशाही और राजनीतिक संरक्षण के बिना अंडा वाला अंडरवर्ड जैसी रंगदारी नहीं कर सकता । इसकी जांच हो और संलिप्त लोगों के घरों के साथ रोिहत और वीरेंद्र के घर में बी बुलडोजर चलाया जाए ताकि अपराधियों को सनद रहे कि कोई कितना बड़ा डान हो जाए कानून से बड़ा कोई नहीं हो सकता है। रायपुर में तो पुलिस को योगी के दर्ज पर अपरािधयों पर शिकंजा सकना चाहिए ताकि अंडे से बाहर ही नहीं आ सके।
बैंक वाले भी डर गए थे तोमर बंधु की नंगाई से
कहते है नंगों के नौ ग्रह बलवान होते है। बैंक अधिकारी किसी सज्जन और जरूरतमंद इंसान को कर्ज देने में तमाम किस्म के दस्तावेज मांगने के बाद भी लोन मंजूर नहीं करते ते, मगर वीरेंद्र औऱ रोहित तोमर ने बैंक वालों को भी दम देकर कार लोन लिया और किस्त भी नहीं भरा । बैंक वाले कार तक को नहीं खींच पाए। वीरेंद्र और रोहित ही कार को अपने घर में रखे रहे और बाकायदा उसी कार में वसूली के लिए निकलते थे। जब पुलिसया कार्रवाई हुई तो बैंक वाले भी दस्तावेज लेकर पहुंच गए कि कार हमें दे दो बैंक उसे बेचकर कर्ज की अदायगी करेगी। जनता में खुसुर-फुसुर है कि बैंक वाले पुलिस की कार्रवाई का इंतजार करते रहे ताकि हर्रा लगे न फिटकिरी और रंग चोखा हो जाए। बैंक वाले बताए इतने दिनों तक क्यों खामोश थे, बैंक के पास तो पुलिस प्रशासन और सरकार का पूरा सपोर्ट होने के बाद भी किससे डरे हुए थे।
गुंड़ों का आतंक बरकरार
राजधानी में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल गुंडे बदमाश खोल रहे है। रात होते ही गुंडे पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए निकल पड़ते है और कारमाना कर फरार हो जाते है जब मामला पुलिस तक पहुंचती है तब तक तो वो पुलिस के कोसों दूर निकल जाते है. पुलिस की रात्रिगश्त पर भी सवाल उठने लगे है। मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र महादेव घाट इलाके का है जहां बीती रात बदमाशों का आतंक देखने को मिला। बर्थडे पार्टी से लौट रही कुछ युवतियों से पहले छेड़छाड़ की गई, फिर विरोध करने पर बदमाशों ने बेरहमी से उनकी पिटाई कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस हमले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें घटना की भयावहता स्पष्ट नजर आ रही है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि देर रात की पार्टी में एैसी घटना आम बात है। राजधानी में तो रात गुंड़ों का होता है। शरीफ लोग इसीलिए रात को पार्टी से परहेज करते है। गुंडे तो ताक में रहते है कि कोई शिकार मिले खासकर शादी व्याह या फंक्शन से लौट रही लड़कियों को टागरेट करते है।





