शब्द आज मौन हैं, क्योंकि शब्दों के साधक चले गए, विनोद कुमार शुक्ल पंचतत्व में विलीन हुए

रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि दी और कहा, शब्द आज मौन हैं, क्योंकि शब्दों के साधक चले गए। छत्तीसगढ़ के गौरव, ज्ञानपीठ सम्मान से विभूषित, महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल आज पंचतत्व में विलीन हो गए, पर संवेदना की वह रोशनी जो उन्होंने रची, वह कभी बुझ नहीं सकती।
उनकी कलम ने साधारण जीवन में असाधारण अर्थ भरे, मौन में संवाद रचे और मनुष्य को मनुष्य बने रहने की भाषा दी। वे नहीं रहे, पर उनके शब्द हवा में, मिट्टी में और हर उस हृदय में बसेंगे जहाँ संवेदना अब भी जीवित है। मुझे हमेशा उनका आशीर्वाद मिलता रहा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें और उनके परिजनों, मित्रों, पाठकों को इस गहन शोक को सहने का साहस दें।
आप चले गए, पर दुनिया भर में, साहित्य में आप सदैव उपस्थित रहेंगे।





