दुर्ग स्टेशन में आदिवासी लड़कियों से बदसलूकी मामला, महिला आयोग ने DGP से मांगा जवाब

दुर्ग। दुर्ग रेल्वे स्टेशन में नारायणपुर की आदिवासी लड़कियों के बदसलूकी मामले पर राज्य महिला आयोग ने डीजीपी को 15 दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने तीनों आदिवासी लड़कियों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर आयोग को रिपोर्ट प्रेषित करने के लिए कहा है। आयोग ने डीआरएम. (रेलवे) और पुलिस अधीक्षक दुर्ग के खिलाफ भी कार्यवाही की अनुशंसा की है।
यही नहीं,तीन मामलों में भरण-पोषण का आदेश दिए । दो महिलाओं को 15-15 हजार और एक महिला को 5 हजार भरण-पोषण करने के आदेश दिए हैं। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक ने बुधवार को राज्य महिला आयोग दफ्तर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान एक ही प्रकार के तीन प्रकरण में नारायणपुर जिले की तीन आदिवासी लड़कियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दुर्ग रेल्वे स्टेशन में बजरंग दल के तीन कार्यकर्ताओं के द्वारा आवेदिकागणों को मारपीट, गाली-गलौच और निजी अंगों के साथ छेड़छाड़ करते हुए, जातिसूचक अपशब्द कहे गए। इस मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किया जा रहा था। उसके बाद आवेदिकागण अपनी शिकायत लेकर महिला आयोग पहुंचे। लगातार तीन सुनवाई हो चुकी है लेकिन सूचना मिलने के बाद भी अनावेदकगण आयोग में अनुपस्थित रहे। एसपी दुर्ग के द्वारा अनावेदकगणों को उपस्थित कराने मे लगातार लापरवाही बरता जा रहा है। जीआरपी थाने को डीआरएम के अधीन बताया गया, जबकि डीआरएम आफिस जीआरपी थाने को राज्य पुलिस के अधीन बता रहे है।





