छत्तीसगढ़

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में सी-सेक्शन के बाद महिला की मौत

Shantanu Roy
15 Aug 2026 11:54 PM IST
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में सी-सेक्शन के बाद महिला की मौत
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Ambikapur. अंबिकापुर। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में प्रसव के लिए भर्ती एक महिला की सी-सेक्शन के बाद तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद महिला ने तबीयत खराब होने की शिकायत की थी, लेकिन समय पर उचित उपचार नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ती चली गई। हालांकि, अस्पताल की ओर से महिला को पहले से हृदय संबंधी समस्या होने की बात बताई गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर के गांधीनगर निवासी संदीप कुमार सिंह की पत्नी परी सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर 13 अगस्त को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने महिला की डिलीवरी सी-सेक्शन के माध्यम से कराने की सलाह दी। परिवार की सहमति के बाद 13 अगस्त की शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच महिला का ऑपरेशन किया गया। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि महिला और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। इसके बाद रात में परी सिंह ने गला सूखने और ऑपरेशन वाली जगह पर दर्द होने की शिकायत की। परिवार वालों ने इसकी जानकारी अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद नर्स और डॉक्टरों को दी।
मृतका के पति संदीप सिंह का आरोप है कि 14 अगस्त की सुबह उनकी पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिवार ने कई बार अस्पताल के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद डॉक्टरों ने महिला की जांच की और उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे स्पेशल केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया। संदीप सिंह का आरोप है कि महिला की हालत लगातार बिगड़ने के बावजूद इलाज को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। परिजनों के मुताबिक, 14 अगस्त की देर शाम उन्हें बताया गया कि परी सिंह की मौत हो गई है। वहीं, ऑपरेशन से जन्मा नवजात पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा है।
महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रसव से पहले महिला की कराई गई सभी जांच रिपोर्ट सामान्य थीं। परिवार का कहना है कि यदि महिला को पहले से हृदय संबंधी कोई समस्या थी तो ऑपरेशन से पहले इसकी जानकारी उन्हें दी जानी चाहिए थी। अस्पताल की ओर से परिजनों को बताया गया है कि महिला को पहले से हृदय संबंधी समस्या थी। हालांकि, पति संदीप सिंह का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी। उनका यह भी आरोप है कि अस्पताल में महिला का ईसीजी नहीं कराया गया।
मृतका की बहन पिंगला सिंह ने भी अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वह पूरे समय अपनी बहन के साथ मौजूद थीं। जब परी सिंह की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो उसे स्पेशल केयर यूनिट में ले जाया गया। पिंगला का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद डॉक्टर समय पर महिला को देखने नहीं पहुंचे। पिंगला के मुताबिक, जब परिवार के लोगों ने नर्सों से डॉक्टर को बुलाने और महिला की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी तो उन्हें हर बार यही बताया गया कि डॉक्टर आकर स्थिति बताएंगे। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक कोई डॉक्टर महिला को देखने नहीं पहुंचा। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला का ईसीजी नहीं किया गया और पूरे दिन उसकी स्थिति को लेकर डॉक्टरों की पर्याप्त निगरानी नहीं हुई।
महिला की मौत के बाद परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि इलाज या ऑपरेशन के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इससे पहले भी इलाज में लापरवाही से संबंधित शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मामले की जांच कर वास्तविक कारण सामने लाने की मांग की है। मामले में अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष जानने के लिए प्रभारी सीएस डॉ. जेके रेलवानी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में महिला की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम, मेडिकल रिकॉर्ड और विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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