
रायपुर। नक्सलियों की केंद्रीय समिति और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने शांति वार्ता की संभावनाओं को खारिज कर दिया है। सोमवार को जारी संयुक्त प्रेस नोट में दोनों संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे हथियार नहीं छोड़ेंगे और शांति वार्ता में शामिल नहीं होंगे।
केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि अभय के नाम से पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू ने पत्र जारी किया था। यह सोनू का व्यक्तिगत फैसला है। केंद्रीय समिति का इससे कोई लेना-देना नहीं है। नक्सलियों का कहना है कि बसवा राजू द्वारा शांति वार्ता के लिए किए गए प्रयासों को गलत तरीके से पेश किया गया है। उनका मानना है कि शांति वार्ता पर संगठन के भीतर मत जानने का प्रयास संगठन में विभाजन ला सकता है।
तीन पन्नों के प्रेस नोट में नक्सलियों ने स्पष्ट किया कि हथियारबंद संघर्ष को छोड़ना उनकी क्रांतिकारी पार्टी को संशोधनवादी पार्टी में बदलने जैसा होगा। इस तरह उन्होंने एक बार फिर शांति वार्ता की संभावनाओं को नकार दिया है।





