छत्तीसगढ़

मुरदोण्डा की उषा कुंजाम बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा

Shantanu Roy
21 May 2026 10:23 PM IST
मुरदोण्डा की उषा कुंजाम बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा
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छग
Bijapur. बीजापुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर आदिवासी अंचल ग्राम मुरदोण्डा, तहसील उसूर, जिला बीजापुर की निवासी 38 वर्षीय उषा कुंजाम ने संघर्षों से भरे जीवन को मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई पहचान दी है। आज वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन चुकी हैं। उषा कुंजाम लंबे समय तक बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच आय का कोई स्थायी साधन नहीं होने से जीवन काफी कठिनाइयों में बीत रहा था। सुदूर आदिवासी क्षेत्र होने के कारण रोजगार के अवसर भी सीमित थे, जिससे आर्थिक और मानसिक परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर के माध्यम से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना PMFME की जानकारी प्राप्त हुई।

विभाग के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने योजना अंतर्गत ऋण के लिए आवेदन किया। सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ पूर्ण होने के बाद वर्ष 2025-26 में आईसीआईसीआई बैंक बीजापुर से उन्हें 3 लाख 90 हजार 400 रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उषा कुंजाम ने अपने गांव में राइस मिल तथा टोरा मिल प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की। पहले क्षेत्र में टोरा मात्र 8 से 10 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाता था, जिससे ग्रामीणों को बहुत कम लाभ मिल पाता था। अब वे टोरा का प्रसंस्करण कर उससे तेल निकालती हैं, उसकी पैकेजिंग कर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर की दर से बाजार में बेचती हैं। यह तेल मंदिरों में दीप प्रज्वलन एवं पर्व, त्योहारों में अधिक उपयोग होने के कारण लगातार मांग में बना रहता है। इसके साथ ही टोरा से निकलने वाली खली को भी 12 से 15 रुपये प्रति किलो की दर से बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने राइस मिल की स्थापना कर ग्रामीणों को बड़ी सुविधा उपलब्ध कराई है। पहले गांव के लोगों को धान से चावल निकलवाने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की परेशानी होती थी। अब स्थानीय स्तर पर ही यह सुविधा मिलने से ग्रामीणों को राहत मिली है। धान से चावल निकालने के साथ-साथ ब्रान ,चोकर और भूसी की बिक्री से भी उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।
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