छत्तीसगढ़

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राजमहल में महाराज प्रवीण चंद्र भंज देव को किया नमन

Shantanu Roy
4 Oct 2025 10:59 PM IST
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राजमहल में महाराज प्रवीण चंद्र भंज देव को किया नमन
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Bastar. बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में आयोजित बस्तर दशहरा के अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर राजमहल का दौरा किया और स्वर्गीय महाराज प्रवीण चंद्र भंज देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह अवसर राज्य और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमित शाह ने राजमहल पहुंचकर महाराज प्रवीण चंद्र भंज देव के स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने वर्तमान महाराज श्री कमल चंद्र भंज देव जी एवं राजपरिवार के अन्य सदस्यों से भेंट की। इस दौरान दोनों पक्षों ने बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा पर चर्चा की।

राजमहल में आयोजित इस भेंट के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने बस्तर की विशेष सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि क्षेत्र की लोक संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों, कलाकारों और हस्तशिल्पकारों की प्रशंसा भी की, जो दशहरा समारोह में योगदान करते हैं। वर्तमान महाराज श्री कमल चंद्र भंज देव जी ने केंद्रीय गृहमंत्री को बस्तर के इतिहास, दशहरा उत्सव की परंपराएं और राजमहल की सांस्कृतिक महत्ता के बारे में जानकारी दी। राजपरिवार ने भी बस्तर दशहरा के दौरान जारी सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का ब्यौरा साझा किया। इस अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की बस्तर दशहरा के सुचारू आयोजन में भूमिका की सराहना की।


उन्होंने कहा कि इस तरह के उत्सव न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखते हैं, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। बस्तर दशहरा के मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री की मौजूदगी ने क्षेत्र में उत्साह और गौरव का माहौल उत्पन्न कर दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस मौके पर राजमहल पहुंचकर गृहमंत्री का स्वागत किया और दशहरा की परंपराओं का हिस्सा बनने की खुशी जाहिर की। इस भेंट का उद्देश्य बस्तर की धरोहर, ऐतिहासिक परंपराओं और राजपरिवार के योगदान को सम्मान देना था। अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा राज्य और क्षेत्रीय सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करेगी, ताकि भविष्य की पीढ़ियों को अपनी परंपराओं और विरासत से जोड़े रखा जा सके।
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