छत्तीसगढ़

Type O Blood: क्या वास्तव में वरदान है यह ब्लड ग्रुप?

Rounak Dey
30 May 2023 12:28 AM IST
Type O Blood: क्या वास्तव में वरदान है यह ब्लड ग्रुप?
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शोधकर्ताओं ने बताया- ऐसे लोगों की उम्र हो सकती है लंबी

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | जिस तरह से हमारा शरीर एक दूसरे से भिन्न है, ठीक उसी प्रकार से ब्लड ग्रुप भी हर किसी में अलग-अलग होता है। यहां तक कि बच्चों में भी माता-पिता से अलग ब्लड ग्रुप हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रक्त की संरचना व्यक्तियों के बीच भिन्न होती है। ब्लड ग्रुप मुख्यरूप से चार प्रकार का- ए, बी, एबी और ओ होता है।

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि हमारा ब्लड ग्रुप इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर कौन से एंटीजन हैं? बहरहाल, इस बात से कोई खास फर्क नहीं पड़ता है कि आपका ब्लड ग्रुप क्या है।

हालांकि कुछ अध्ययन कहते हैं कि कुछ खास ब्लड ग्रुप वाले लोगों में विशेष क्वालिटी हो सकती है। जैसे एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप ओ होता है, वह अन्य ब्लड ग्रुप वालों की तुलना में अधिक जाते हैं। आखिर इसके पीछे क्या तर्क है, आइए आगे विस्तार से समझते हैं।ब्लड ग्रुप ओ कुछ मामलों में खास जरूर है, इसे यूनिवर्सल डोनर ग्रुप भी माना जाता है। यानी कि अगर आपका ब्लड ग्रुप ओ है तो आप किसी दूसरे ब्लड ग्रुप वाले लोगों को भी रक्तदान कर सकते हैं। दुर्घटनाओं के समय जब समान ब्लड ग्रुप नहीं मिल पाता है तो ब्लड ग्रुप ओ वाला रक्त देकर किसी भी रोगी की जान बचाई जा सकती है।

पर ये ब्लड ग्रुप आपके स्वयं के लिए किस प्रकार से लाभकारी हो सकता है, इस बारे में अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने कई लाभ बताए हैं। शोध के मुताबिक ब्लड ग्रुप ओ वाले लोगों में हृदय रोग, कुछ प्रकार के कैंसर, मलेरिया आदि का जोखिम कम होता है, इस प्रकार से ऐसे लोगों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी अधिक हो सकती है।शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि टाइप ओ ग्रुप वाले लोगों में हृदय रोग और रक्त के थक्के जमने का जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है, हालांकि ऐसे लोग रक्तस्राव या रक्तस्राव विकारों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि टाइप ओ ग्रुप वालों की तुलना में टाइप ए और बी रक्त समूह वाले लोगों में डीप वेन थ्रंबोसिस विकसित होने का जोखिम 51% अधिक और पल्मोनरी इंबोलिज्म का खतरा 47% अधिक था। ये गंभीर रक्त के थक्के वाले विकार हैं जो हार्ट फेलियर के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं।

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