छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कैडर के दो प्रमोटी IAS अधिकारियों को मिला नया बैच आवंटन

Shantanu Roy
23 April 2026 11:54 PM IST
छत्तीसगढ़ कैडर के दो प्रमोटी IAS अधिकारियों को मिला नया बैच आवंटन
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Raipur. रायपुर। केंद्रीय लोक कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने छत्तीसगढ़ कैडर के दो प्रमोटी आईएएस अधिकारियों के बैच आवंटन को लेकर नया आदेश जारी किया है। दोनों अधिकारी एलाइड सर्विसेज संवर्ग से पदोन्नत होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए हैं। इस आदेश के बाद उनकी वरिष्ठता क्रम और बैच स्थिति स्पष्ट हो गई है। जारी आदेश के अनुसार राज्य वित्त सेवा से पदोन्नत होकर आईएएस बने ऋषभ पराशर को 2020 बैच आवंटित किया गया है। बैच आवंटन के साथ ही उनकी वरिष्ठता सूची में स्थिति भी तय कर दी गई है। अब वे कैडर सूची में गोपाल वर्मा से नीचे क्रम में रहेंगे। इसका अर्थ है कि गोपाल वर्मा उनसे वरिष्ठ माने जाएंगे और प्रशासनिक सेवा में उनका स्थान ऊपर रहेगा।

इसी तरह दूसरे अधिकारी तरुण कुमार किरण को 2021 बैच आवंटित किया गया है। उनके बैच और वरिष्ठता क्रम को भी स्पष्ट किया गया है। आदेश के अनुसार तरुण कुमार किरण इस बैच के प्रमोटी अधिकारी आशीष टिकरिया के बाद स्थान पर रहेंगे। वहीं सीधे भर्ती (RR) से आए अधिकारी नम्रता चौबे उनसे ऊपर क्रम में रहेंगी। इस प्रकार उनकी वरिष्ठता सूची में स्थिति निर्धारित कर दी गई है। डीओपीटी द्वारा जारी यह आदेश प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और वरिष्ठता क्रम को व्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रमोटी आईएएस अधिकारियों के लिए बैच आवंटन उनके करियर ग्रोथ, पदस्थापना और भविष्य की जिम्मेदारियों में अहम भूमिका निभाता है।

छत्तीसगढ़ कैडर में हाल के वर्षों में एलाइड सर्विसेज से आईएएस में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। राज्य वित्त सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा और अन्य संबद्ध सेवाओं से योग्य अधिकारियों को आईएएस कैडर में शामिल किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में अनुभव और दक्षता को बढ़ावा मिलता है। बैच आवंटन की यह प्रक्रिया केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के तहत की जाती है, जिसमें संबंधित अधिकारियों की सेवा अवधि, प्रदर्शन और अन्य मानकों को ध्यान में रखा जाता है। इसके बाद उनकी वरिष्ठता सूची में स्थिति तय की जाती है, जो आगे चलकर उनकी पदोन्नति और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को प्रभावित करती है। इस आदेश के बाद दोनों अधिकारियों की स्थिति अब स्पष्ट हो गई है और उन्हें उनके निर्धारित बैच के अनुसार प्रशासनिक कार्यों में जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे राज्य प्रशासनिक ढांचे में भी स्पष्टता और संतुलन बना रहेगा।
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