
बिलासपुर। दो मासूम बच्चियों से रेप केस की जांच में लापरवाही बतरने पर एसएसपी रजनेश सिंह ने बड़ा एक्शन लेते हुए सिरगिट्टी थाना प्रभारी अभय सिंह बैस और विवेचना अधिकारी संतोषी अग्रवाल को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं, जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक वायपी सिंह को सिरगिट्टी थाने की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि, पचपेड़ी थाने का प्रभार निरीक्षक कमला पुसाम को दिया गया है।
बता दें कि सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में 17 साल के एक नाबालिग ने चॉकलेट देने के बहाने 7 साल की दो बच्चियों से रेप किया। आरोपी ने उनके साथ मारपीट भी की। जब परिजनों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो वह भाग निकला। इस मामले में पीड़ित बच्चियों की मां ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग से शिकायत की थी।
घटनास्थल तक नहीं पहुंचे थाना प्रभारी मामले की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि थाना प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह बैस ने घटनास्थल का निरीक्षण नहीं किया और महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संकलन में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं, बीएनएसएस की धारा 176(3) के तहत सात वर्ष या उससे अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य रूप से बुलाए जाने वाली ‘सीन ऑफ क्राइम यूनिट’ को भी मौके पर नहीं बुलाया गया। इसे जांच प्रक्रिया में गंभीर चूक माना गया है।
सीएसपी को बनाया जांच अधिकारी एसएसपी रजनेश सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। महिला और बच्चियों के केस में लापरवाही बरतने पर उन्होंने टीआई अभय सिंह बैस को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह को मामले की प्राथमिक जांच कर सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।





