छत्तीसगढ़

दुर्ग में दुकान की छत गिरने से दो कर्मचारी घायल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Shantanu Roy
17 Sept 2025 10:33 PM IST
दुर्ग में दुकान की छत गिरने से दो कर्मचारी घायल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
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Durg. दुर्ग। जिले के पावर भिलाई क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। चेम्बर ऑफ कॉमर्स के मंत्री मनोहर कृष्नानी के स्वामित्व वाले जग्सन इंटरप्राइजेस में अचानक दुकान की छत का हिस्सा और फॉल्स सीलिंग टूटकर दो कर्मचारियों पर गिर गई। घटना में दोनों कर्मचारियों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है। गनीमत यह रही कि हादसे के समय दुकान में ज्यादा भीड़ नहीं थी, अन्यथा स्थिति और भयावह हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। उस समय दुकान के अंदर कर्मचारी अपने नियमित काम में व्यस्त थे। अचानक बिना किसी चेतावनी के छत का बड़ा हिस्सा गिर पड़ा। साथ ही फॉल्स सीलिंग भी नीचे आ गिरी। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही क्षणों में कर्मचारियों में से दो गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है, लेकिन उन्हें उपचार की जरूरत है।
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से अचानक छत गिरने से कर्मचारी दब गए। फुटेज में डर और भगदड़ का दृश्य स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। घटना के बाद आसपास के व्यापारियों में भी डर का माहौल है। कई लोगों ने चिंता जताई कि यदि यह हादसा ग्राहकों के बीच होता तो भारी जनहानि हो सकती थी।


इस घटना ने भवनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने भवनों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में नियमित निरीक्षण और मरम्मत बेहद जरूरी है। फॉल्स सीलिंग और छत की गुणवत्ता की जांच समय-समय पर नहीं की जाए तो ऐसी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कई व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे भवनों की सुरक्षा का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराया जाए। घायल कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवारजनों ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि रोजाना काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संस्थानों की जिम्मेदारी है। वहीं व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन भवनों की मजबूती और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करे तो ऐसे हादसों से बचा जा सकता है। दुकान मालिक मनोहर कृष्नानी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएंगे और भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक सुधार कराएंगे। उन्होंने कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि भवन में किसी भी तकनीकी खराबी की सूचना तुरंत प्रबंधन को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

घटना के बाद प्रशासन ने भी स्थिति का जायजा लेने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भवन के निर्माण, रखरखाव और सुरक्षा मानकों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए मार्गदर्शन जारी किया जाएगा। यह हादसा न केवल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही को उजागर करता है बल्कि यह भी याद दिलाता है कि नियमित निरीक्षण और मरम्मत किस हद तक आवश्यक है। कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी व्यापारिक प्रतिष्ठान की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। प्रशासन और भवन मालिकों को मिलकर इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
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