छत्तीसगढ़

माओवाद छोड़ लोकतंत्र की ओर बढ़ते कदम: CM साय

Shantanu Roy
17 Sept 2025 7:34 PM IST
माओवाद छोड़ लोकतंत्र की ओर बढ़ते कदम: CM साय
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छग
Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना को माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास जगाने वाली पहल बताया है। हिंसा का रास्ता छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इसी कड़ी में नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे “माड़ बचाओ अभियान” के तहत सुरक्षाबलों की लगातार सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव से दो एरिया कमेटी सदस्यों सहित कुल 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर ₹50 हजार से लेकर ₹5 लाख तक के इनाम घोषित थे, जिनकी कुल कीमत ₹18 लाख बताई गई है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को प्रशासन ने पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए ₹50-50 हजार की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए।


इसके अलावा, उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार न केवल सुरक्षा बलों के माध्यम से नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार कर रही है, बल्कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य में 1704 माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। यह सफलता नवीन आत्मसमर्पण नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के माध्यम से माओवादी परिवारों में विश्वास बढ़ा है और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिल रहा है। डबल इंजन की सरकार ने स्पष्ट किया है कि नक्सलवाद की जड़ खत्म करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए।

इसके साथ ही आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और बेहतर जीवन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे समाज में सम्मान के साथ जी सकें। नारायणपुर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कई लंबे समय से सक्रिय थे। सुरक्षाबलों की सख्ती और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं ने उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। अभियान के तहत क्षेत्र में जनजागरूकता कार्यक्रम, चिकित्सा सहायता, आर्थिक मदद और कौशल विकास जैसी योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अब समाज में सकारात्मक भूमिका निभाएँगे और अन्य लोगों को भी हिंसा छोड़कर विकास की राह अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। सरकार का उद्देश्य न केवल नक्सलवाद पर अंकुश लगाना है, बल्कि उन परिवारों को मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन देने का भी है जो वर्षों से हिंसा की चपेट में थे।
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