
ताजा घटना की जांच के लिए कानन पेंडारी से डॉ. पी.के. चंदन और उनकी टीम को बुलाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि एक कछुए का फेफड़ा फटा हुआ था। यह किसी भारी चीज से जोरदार चोट लगने का संकेत है। विशेषज्ञों का कहना है कि आठों कछुओं के अंदरूनी अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त मिले। उनकी हालत पिछले सप्ताह मिले चार कछुओं जैसी ही थी। रिपोर्ट वन विभाग को सौंप दी गई है।
जांच का दायरा महा माया मंदिर और बूढ़ा महादेव तालाब दोनों जगह फैला है। दोनों के बीच करीब ढाई किलोमीटर की दूरी है। महा माया मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। लेकिन बूढ़ा महादेव तालाब के आसपास कैमरे नहीं होने से जांच में दिक्कत आ रही है। मार्च 2025 में महा माया मंदिर तालाब में मछली पकड़ने के जाल में फंसकर 30 कछुओं की मौत हो गई थी। जांच में अरुण धीवर और विष्णु धीवर को जाल डालते पाया गया था। पूछताछ में आनंद जायसवाल, सतीश शर्मा और गजेंद्र तिवारी के नाम भी सामने आए थे। फिलहाल ताजा मामलों में किसी पर सीधे तौर पर शक की पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग और पुलिस दोनों मिलकर हर एंगल से जांच कर रहे हैं।





