छत्तीसगढ़

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए खसरों का सत्यापन हेतु प्रशिक्षण

Nil dhankar
26 Sept 2025 3:25 PM IST
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए खसरों का सत्यापन हेतु प्रशिक्षण
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महासमुंद। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन कार्य को सुचारू एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी सत्यापन प्रशिक्षण प्रदान किया।

कलेक्टर ने बताया कि एकीकृत किसान पोर्टल में खरीफ वर्ष 2025-26 हेतु किसान पंजीयन तथा पंजीकृत किसान द्वारा अपनी भूमि पर ली गई फसल का नाम एवं रकबा अद्यतन करने की कार्यवाही 31 अक्टूबर 2025 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करना होगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष खरीफ विपणन में धान खरीदी हेतु एग्रीस्टैक फार्मर आईडी को अनिवार्य किया गया है। खाद्य विभाग के पोर्टल पर धान खरीदी केवल फार्मर आईडी से लिंक समस्त फार्मर आईडी एवं खसरा आधारित पंजीयन उपरांत ही की जाएगी। इसलिए फसल गिरदावरी एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज रकबा में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देश दिए कि गिरदावरी सत्यापन का कार्य पूर्ण पारदर्शिता एवं गंभीरता से किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि गिरदावरी में संशोधन करना हो, तो भी उसका सत्यापन आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी पीवी मोबाइल ऐप डाउनलोड कर प्रक्रिया को समझें। उन्होंने बताया कि गिरदावरी सत्यापन हेतु जिले में 817 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है तथा अभी तक दर्ज खसरों का कम से कम 5 प्रतिशत सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। विशेष रूप से उन्होंने कहा कि वन अधिकार पट्टा, डुबान क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र में भी किसान ऐप के माध्यम से सत्यापन कार्य किया जाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धान फसल के रकबे की गलत प्रविष्टि अथवा बढ़ाकर प्रविष्टि करने की स्थिति में न केवल धान उपार्जन प्रक्रिया प्रभावित होगी, बल्कि संबंधित पर जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। साथ ही गलत फसल प्रविष्टि से भी धान खरीदी प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी गम्भीरता के साथ प्रशिक्षण में बताई गई बातों का पालन करें एवं प्रक्रिया के तहत ही सत्यापन का कार्य समय-सीमा में पूर्ण करें।


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