छत्तीसगढ़
ट्रांसफार्मर फटने से तीन किसान झुलसे, बिजली कंपनी पर लापरवाही का आरोप
Shantanu Roy
21 Sept 2026 3:35 PM IST

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Bemetara. बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में बिजली व्यवस्था सुधारने गए तीन किसान बड़े हादसे का शिकार हो गए। दाढ़ी क्षेत्र के ग्राम हेमाबंद में अटल ज्योति योजना के तहत लगाए गए ट्रांसफार्मर में डीओ चढ़ाने के दौरान अचानक विस्फोट हो गया। हादसे में तीन किसान गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बिजली खराब होने की सूचना देने के बाद भी समय पर सुधार कार्य नहीं किया गया, जिसके कारण ग्रामीणों को खुद ट्रांसफार्मर ठीक करने का प्रयास करना पड़ा।
बिजली बंद होने की दी थी सूचना
जानकारी के अनुसार, ग्राम हेमाबंद में अटल ज्योति योजना के तहत लगाए गए ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी दाढ़ी बिजली सब स्टेशन को दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के बाद सब स्टेशन से जवाब मिला कि फिलहाल मिस्त्री उपलब्ध नहीं है। मिस्त्री आने के बाद ही आपूर्ति व्यवस्था को ठीक किया जाएगा। काफी समय तक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं होने पर ग्रामीण परेशान हो गए।
डीओ चढ़ाते समय हुआ विस्फोट
बिजली समस्या से परेशान होकर ग्राम मोहतरा के तीन किसान ईश्वर पटेल, छन्नू चंद्राकर और राधेश्याम चंद्राकर ट्रांसफार्मर के पास पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, लाइन बंद करवाने के बाद वे डीओ चढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रांसफार्मर में जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें निकलने लगीं। इस हादसे में तीनों किसान आग की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
रायपुर रेफर किए गए किसान
घायल किसानों को पहले स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने के कारण तीनों को रायपुर के निजी अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि तीनों किसानों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप
ग्राम मोहतरा निवासी किसान रामकुमार पटेल ने आरोप लगाया कि बिजली गुल होने की शिकायत करने पर दाढ़ी सब स्टेशन के कर्मचारी फोन तक रिसीव नहीं करते। कई बार सूचना देने के बाद भी समस्या का समाधान समय पर नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था खराब होने पर ग्रामीण मजबूरी में खुद सुधार कार्य करने की कोशिश करते हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से व्यवस्था सुधारने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। बिजली विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए बिजली व्यवस्था को बेहतर किया जाना जरूरी है।
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