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Rajnandgaon. राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में युवक को बीयर पिलाने के बहाने कार में बैठाकर सुनसान स्थान पर ले जाने और गांजा तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बदमाशों ने खुद को साइबर पुलिस का कर्मचारी बताकर युवक की कार में 20 किलो गांजा मिलने का दावा किया। इसके बाद मामला दर्ज करने की धमकी देकर उससे रुपये मांगे गए। शिकायत मिलने पर बसंतपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी नवीन साहू (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। वहीं, मुख्य आरोपी विक्की पवार सहित तीन आरोपी फरार हैं।
बीयर लेकर भदौरिया चौक बुलाया
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत उस समय हुई जब विक्की पवार ने युवक को फोन कर बीयर लेकर भदौरिया चौक आने के लिए कहा। युवक के वहां पहुंचने पर विक्की अपने साथी नवीन साहू के साथ काले रंग की फॉर्च्यूनर कार में आया। इसके बाद दोनों ने युवक को कार में बैठा लिया। आरोपी युवक को अमोरा तालाब से श्मशान घाट के पास स्थित एक सुनसान स्थान पर लेकर पहुंचे। वहां सभी लोग बैठकर बीयर पी रहे थे। इसी दौरान विक्की पवार कुछ समय के लिए वहां से चला गया। उसके जाने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार दो अन्य युवक मौके पर पहुंचे।
खुद को साइबर पुलिस का कर्मचारी बताया
पुलिस के मुताबिक, मोटरसाइकिल से पहुंचे दोनों युवक सादे कपड़ों में थे। उन्होंने खुद को साइबर पुलिस का कर्मचारी बताया। इसके बाद आरोपियों ने कार की तलाशी लेने का नाटक शुरू कर दिया। तलाशी के दौरान उन्होंने दावा किया कि कार में 20 किलो गांजा मिला है। आरोपियों ने युवक को बताया कि उसके खिलाफ गांजा तस्करी का मामला दर्ज किया जा सकता है। पुलिस के अनुसार, कार में गांजा मिलने की बात झूठी थी। आरोपियों ने युवक को डराने और उससे रुपये वसूलने के लिए यह कहानी बनाई थी।
झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर मांगे पांच लाख
आरोपियों ने युवक को गांजा तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी और उससे पांच लाख रुपये की मांग की। अचानक खुद को पुलिस कर्मचारी बताने वाले लोगों द्वारा गांजा मिलने का दावा किए जाने से युवक डर गया। इसके बाद उसने अपने परिजनों को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और ढाई लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा। कुछ देर बाद युवक के परिजन मौके पर पहुंच गए। इसके बाद युवक उनके साथ सीधे बसंतपुर थाने पहुंचा और घटना की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में युवक ने कार में बैठाकर सुनसान स्थान पर ले जाने, फर्जी पुलिसकर्मी बनकर धमकाने और रुपये मांगने की पूरी जानकारी दी।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए बसंतपुर पुलिस ने जांच के लिए टीम गठित की। पुलिस ने तकनीकी जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान तथा उनकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी नवीन साहू (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में नवीन साहू ने विक्की पवार के कहने पर वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मुख्य आरोपी सहित तीन की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी विक्की पवार सहित तीन व्यक्ति अभी फरार हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, संबंधित धाराओं का क्रमांक उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर वसूली की कोशिश
इस घटना में आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस कर्मचारी होने का दावा कर युवक को डराने की कोशिश की। कार में गांजा मिलने की झूठी बात कहकर उससे पांच लाख रुपये मांगे गए। युवक के परिजनों के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने के बाद मामला सामने आया। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना में उनकी भूमिकाओं को लेकर आगे की जानकारी सामने आ सकती है।
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