प्रभारी भूपेश बघेल का पंजाब कांग्रेस में भारी विरोध, नेता-कार्यकर्ता मिलने तक तैयार नहीं

इधर अकेले पड़े रामगोपाल अग्रवाल, पंजाब में फंसे बघेल
रायपुर/पंजाब। पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के प्रदेश प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने संगठन को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद पर बनाए रखने के कांग्रेस आलाकमान के फैसले के बाद असंतुष्ट नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने भूपेश बघेल से मुलाकात के लिए शर्त रख दी है। ऐसे में बघेल को कुछ दिन और पंजाब में रुकना पड़ सकता है।
जानकारी के मुताबिक चन्नी ने स्पष्ट किया है कि यदि बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग मौजूद रहे तो वे उसमें शामिल नहीं होंगे। ऐसे में बघेल के लिए सभी नेताओं को एक मंच पर लाना आसान नहीं माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पंजाब कांग्रेस में चल रहे मतभेदों को दूर करने के लिए भूपेश बघेल लगातार वरिष्ठ नेताओं और विधायकों से अलग-अलग मुलाकात कर रहे हैं।
कांग्रेस नेतृत्व ने हाल ही में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को 2027 के विधानसभा चुनाव तक प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद चन्नी और उनके समर्थक नेताओं ने असंतोष जताया है। उनका मानना है कि संगठन में व्यापक बदलाव की जरूरत है और नेतृत्व परिवर्तन से ही पार्टी को मजबूती मिल सकती है।
चर्चा ये भी
रामगोपाल अग्रवाल को मुश्किल घड़ी में भूपेश बघेल का साथ नहीं मिल पा रहा है। वे अकेले पड़ गए है। बता दें कि रामगोपाल अग्रवाल फ़िलहाल EOW रिमांड में है। तीन घोटाले उनके सिर पर लद गए है। बीते दिनों रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई है।





