छत्तीसगढ़
TMC स्टोर से 50 लाख की चोरी का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
27 Aug 2026 6:58 PM IST

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Korea. कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में टीएमसी कंपनी के पाण्डोपारा-झिलमिली साइड स्थित स्टोर से हुई करीब 50 लाख रुपये की चोरी का पटना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए तांबा, पीतल और कांसा धातु से निर्मित महंगे मशीन पार्ट्स में से करीब 40 लाख रुपये का सामान बरामद किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने तीन तलवार, टॉर्च, मोबाइल फोन और 1500 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक, चोरी की वारदात 21 और 22 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात हुई थी। आरोपियों ने टीएमसी कंपनी के झिलमिली साइड स्थित स्टोर की छत की सीट उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और कोयला उत्खनन में इस्तेमाल होने वाली मशीनों के महंगे पार्ट्स चोरी कर लिए। चोरी के बाद सामान को जंगल में छिपाया गया और फिर कबाड़ी को बेच दिया गया।
50 लाख के मशीन पार्ट्स हुए थे चोरी
टीएमसी पाण्डोपारा परियोजना में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत श्यामल मैती ने 24 अगस्त 2026 को थाना पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि झिलमिली साइड के स्टोर से कोयला उत्खनन में इस्तेमाल होने वाली मशीनों के तांबा, पीतल और कांसा धातु से बने विभिन्न पार्ट्स चोरी हो गए हैं। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई। शिकायत के आधार पर थाना पटना में अपराध क्रमांक 228/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4), 305(ए), 61, 317, 111 और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
9-10 लोगों के ग्रुप ने दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि चोरी की वारदात एक बड़े समूह ने मिलकर अंजाम दी थी। पुलिस के अनुसार करीब 9 से 10 लोगों के ग्रुप ने रात के समय झिलमिली-पाण्डोपारा साइड पहुंचकर स्टोर को निशाना बनाया। आरोपियों ने स्टोर की छत की सीट उखाड़ी और अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने एसईसीएल की मशीनों में इस्तेमाल होने वाले तांबा, पीतल, कांसा और अन्य धातुओं से बने महंगे पार्ट्स निकाल लिए। चोरी के बाद आरोपी सामान लेकर मौके से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पुलिस को चोरी की घटना और सामान की मात्रा के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
बड़सरा जंगल में छिपाया था चोरी का माल
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों से मिली जानकारी के मुताबिक, चोरी करने के बाद उन्होंने सामान को तत्काल बेचने के बजाय करीब एक दिन तक बड़सरा जंगल में छिपाकर रखा था। इसके बाद चोरी के माल को चरचा निवासी कबाड़ी अब्दुल वासिब उर्फ गोलू के पास बेचने की बात सामने आई। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर कबाड़ी तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान पता चला कि कबाड़ी ने अपने वाहन से चोरी का सामान मंगवाया था। सामान का कुछ हिस्सा उसके घर पर रखा हुआ था, जबकि कुछ सामान दूसरे कबाड़ी को बेच दिया गया था।
40 लाख का चोरी का सामान बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अब्दुल वासिब उर्फ गोलू के कब्जे से तांबा, पीतल और कांसा धातु से बने महंगे मशीन पार्ट्स बरामद किए। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये है। पुलिस ने बताया कि चोरी गए आधे से ज्यादा माल की बरामदगी कर ली गई है। शेष चोरी के सामान को बरामद करने के लिए भी पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है।
वारदात के दौरान हथियार भी रखे थे
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी की वारदात के दौरान संभावित विरोध या टकराव की स्थिति से निपटने के लिए हथियार भी अपने पास रखे थे। आरोपियों की निशानदेही पर तीन तलवारें बरामद की गई हैं। इसके अलावा पुलिस ने टॉर्च, मोबाइल फोन और 1500 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। हथियारों की बरामदगी के आधार पर मामले में आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत भी कार्रवाई की गई है।
चार आरोपी गिरफ्तार
पटना पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें किशन कुमार पिता राजेंद्र, उम्र 24 वर्ष, मंगलराम उर्फ गोलू पिता स्वर्गीय जनक राम बसोर, उम्र 24 वर्ष, करन पिता चंद्रप्रसाद बसोर, उम्र 24 वर्ष और अब्दुल वासिब उर्फ गोलू मियां पिता अब्दुल कमाल, उम्र 30 वर्ष शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी कोरिया जिले के घुटरी दफाई, थाना चरचा तथा ग्राम पूटा, थाना पटना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। आरोपियों को 27 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
मामले में अभी कई आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका और चोरी के बाकी सामान के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना पटना, चरचा और बैकुंठपुर क्षेत्र में चोरी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी सामने आई है। इन पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
चोरी के मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के निर्देश पर टीम गठित की गई थी। पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशा सेन और राजेश साहू के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी प्रमोद पाण्डेय के नेतृत्व में थाना पटना और साइबर सेल की टीम ने आरोपियों की तलाश की। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक अमोल खलखो के साथ पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम ने आरोपियों की पहचान करने के बाद उनसे पूछताछ की और चोरी के माल की बरामदगी की कार्रवाई की।
चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त पर भी नजर
पुलिस अब चोरी के माल को खरीदने और आगे बेचने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, चोरी के माल को खरीदने वाले कबाड़ियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद सामान का कितना हिस्सा आगे बेचा गया। मामले में शेष सामान की बरामदगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
पुलिस अधीक्षक ने की आमजन से अपील
कोरिया पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर ने आमजन से अपील की है कि अपराध और चोरी की घटनाओं की रोकथाम में पुलिस को आम लोगों से मिलने वाली सूचना बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध नजर आती हैं या कोई व्यक्ति चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त करता दिखाई देता है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि चोरी और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की त्वरित और समन्वित कार्रवाई से मामले का जल्द खुलासा होने पर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
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