छत्तीसगढ़

भूपेश को बचाने वाला तांत्रिक पुलिस तंत्र से नहीं बच पाया

Shantanu Roy
23 Jun 2025 4:38 PM IST
भूपेश को बचाने वाला तांत्रिक पुलिस तंत्र से नहीं बच पाया
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तंत्रमंत्र विद्या से भूपेश बघेल को बचाने के चर्चा में आए थे केके श्रीवास्तव
भूपेश कार्यालय में यह भी चर्चा थी कि केके श्रीवास्तव विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं पर तंत्र-मंत्र का प्रयोग भूपेश बघेल को फायदा पहुंचाने के लिए करता था।

रायपुर (जसेरि)। 15 करोड़ की ठगी के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। स्मार्ट सिटी और नवा रायपुर के प्रोजेक्ट में 500 करोड़ का काम दिलाने का झांसा देकर ठगी के मामले में केस दर्ज होने के बाद पिछले 10 माह से वह फरार था। रविवार को उसे भोपाल के एमराल्ड होटल से पकड़ा गया है। पता चला है कि फरारी के दौरान वह कई राज्यों के अलावा नेपाल में भी रहा। पुलिस को फोन से लोकेशन न मिल जाए, इसलिए वो जगह बदलने के बाद आईफोन को भी
तोड़
देता था। दरअसल, कांग्रेस की सरकार में श्रीवास्तव का खासा दबदबा था। स्मार्ट सिटी और एनआरडीए में 500 करोड़ का काम दिलाने के लिए उसने दिल्ली के कारोबारी रावत एसोसिएट के मालिक अशोक रावत से 15 करोड़ लिए थे। EOW और ED एक साल से श्रीवास्तव की तलाश कर रही थी। दरअसल, EOW को इनपुट मिला था कि केके श्रीवास्तव भोपाल के एक होटल में रुका है, जिसके बाद EOW की टीम ने उसे भोपाल पहुंचकर पकड़ लिया। जानकारी के मुताबिक,
EOW
की टीम उसे रायपुर ला रही है, फिर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
तेलीबांधा थाने से लेकर ईडी ने दर्ज किया है केस
यूपी के रावत एसोसिएट के एडमिन मैनेजर अजय कुमार ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अजय के मुताबिक केके श्रीवास्तव ने उनके मालिक अर्जुन रावत को 500 करोड़ का काम दिलाने का आश्वासन दिया और फिर फर्जी दस्तावेज भेजकर ठगी की। श्रीवास्तव के साथ उसके बेटे कंचन श्रीवास्तव के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई थी। एफआईआर में यह दर्ज किया गया है कि प्रदेश के सबसे बड़े नेता भगोड़े ठग केके श्रीवास्तव से तांत्रिक पूजा करवाते थे। ये नेता भाजपा के हैं या कांग्रेस के, ये नहीं लिखा गया है। लेकिन ठग पर आरोप है कि वो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में सबसे बड़े नेताओं के करीबी थे।
खाते में 300 करोड़ का लेन-देन भी
ठग केके श्रीवास्तव के खातों की जांच में 300 करोड़ का लेन-देन मिला है। ये खाते EWS मकानों में रहने वालों के नाम पर हैं। पुलिस ने इसकी जांच आयकर विभाग को सौंप दिया है। पुलिस थाने में शिकायत के बाद श्वह्रङ्ख और ईडी केके श्रीवास्तव के खिलाफ केस दर्ज कर मामले में जांच शुरू कर दी थी।
आरोपी ने कारोबारी को दिया स्टॉप चेक
जब कारोबारी लगातार पैसों की मांग करने लगा तो श्रीवास्तव उसे गुमराह करने के लिए कंचन श्रीवास्तव समेत कुछ फर्मों के चेक दिए। कारोबारी ने पैसे निकालने के लिए जब बैंक में चेक लगाए, तो पता चला, कि आरोपी ने चेक देने के बाद उसे स्टॉप श्रेणी में डाल दिया है। इस हरकत के बाद कारोबारी ने श्रीवास्तव को फोन लगाया, तो उसने नक्सली और राजनैतिक रसूखदारों से जान पहचान होने की बात बोलकर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आरोपी की इस हरकत के बाद कारोबारी ने मामले की
शिकायत
पुलिस में की, तो पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू की।

ग्लोमैक्स इंडिया के नाम से बनाए फर्जी दस्तावेज
शिकायतकर्ता अजय कुमार ने पुलिस को बताया, कि आरोपी श्रीवास्तव ने रावत एसोसिएट का पैसा गबन करने के लिए उनकी कंपनी ग्लोमैक्स इंडिया और छत्तीसगढ़ सरकार का एक फर्जी दस्तावेज बनाकर भेजा था। इस दस्तावेज को देखने के बाद श्रीवास्तव के बताए अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए। पुलिस के अनुसार आरोपी श्रीवास्तव के अकाउंट्स की जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने पैसा 80 से ज्यादा बार में अलग-अलग अकाउंट्स में ट्रांसफर किया है। जिन अकाउंट्स में पैसा ट्रांसफर किया गया, उनकी जांच भी जारी है।
हवाला के माध्यम से दिल्ली भेजा पैसा
श्रीवास्तव पर आरोप है कि वह नेताओं के पैसों का मैनेज करता था। उसने हवाला के माध्यम से दिल्ली में पैसा भिजवाया है। उसने नेताओं की काली कमाई को वाइट किया है। ईडी को प्रारंभिक जांच में इसके प्रमाण मिले हैं।
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