छत्तीसगढ़

विवादित अफसर मक्सी कुजूर को स्थायी प्रमुख अभियंता बनाने पद खाली

Nil dhankar
3 July 2026 5:32 PM IST
विवादित अफसर मक्सी कुजूर को स्थायी प्रमुख अभियंता बनाने पद खाली
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रायपुर। 30 जून 2026 को जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता शंकर ठाकुर सेवा निवृत्त हो गए हैं, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी विभाग नए प्रमुख अभियंता की नियुक्ति को लेकर कोई निर्णय नहीं ले पाया है। विभाग में शीर्ष पद खाली रहने से निर्णय लेने की क्षमता और प्रशासनिक इच्छाशक्ति पर सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, शासन–प्रशासन के कुछ आला अधिकारियों द्वारा विभाग की कमान अपने नियंत्रण में रखते हुए मक्सी कुजूर को स्थायी प्रमुख अभियंता बनाने के लिए अंदरखाने प्रयास किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसी कवायद के चलते प्रमुख अभियंता का पद जानबूझकर खाली रखा गया है, जबकि विभाग में पहले से ही कई वरिष्ठ मुख्य अभियंता पदस्थ हैं जो इस पद के लिए दावेदार हैं। मक्सी कुजूर पहले से ही विवादों में घिरे अधिकारी रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वे रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों पकड़े गए थे और उस समय उच्च न्यायालय बिलासपुर से उन्हें अंतरिम राहत मिल गई थी। किंतु वर्तमान में उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका क्रमांक 38024/2026 दायर होने की जानकारी सामने आई है, जिससे उनकी तैनाती को लेकर और भी गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं।

प्रमुख अभियंता जैसे अहम पद पर स्थायी नियुक्ति न होने से विभागीय कार्यों और राज्य के सिंचाई–जल संसाधन परियोजनाओं , वर्षा ऋतु, विधानसभा सत्र पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों और आरोपों से जुड़े तथ्यों का स्पष्ट निराकरण नहीं हो जाता, तब तक विवादित अधिकारी को विभाग की कमान सौंपना शासन–प्रशासन की विश्वसनीयता पर सीधे प्रश्नचिह्न लगाता है।

स्थिति यह है कि मक्सी कुजूर को फिलहाल दो मुख्य अभियंता कार्यालयों का प्रभार दे दिया गया है—एक मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना रायपुर और दूसरा अतिरिक्त प्रभार मुख्य अभियंता, महानदी–गोदावरी कछार, रायपुर। वहीं इसी कार्यालय में पदस्थ मुख्य अभियंता सेलवेस्टर मिंज को प्रमोशन के बाद भी कोई स्वतंत्र पदस्थापना नहीं दी गई है, जिससे उन्हें लूप लाइन में डालने की चर्चा विभागीय हलकों में तेज है।

संलग्न विभागीय दस्तावेज़ों के अनुसार, वर्तमान व्यवस्था में मक्सी कुजूर के पास विशेष कर्तव्य अधिकारी (अधिकारित मंत्रालय), मुख्य अभियंता महानदी परियोजना रायपुर और अतिरिक्त प्रभार मुख्य अभियंता महानदी–गोदावरी कछार, रायपुर—तीनों जिम्मेदारियां हैं, जबकि सेलवेस्टर मिंज कहीं भी पदस्थ नहीं किए गए हैं। इससे पदस्थापना में पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं और यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि प्रमुख अभियंता पद को खाली रखकर मक्सी कुजूर को लाभ पहुंचाने की तैयारी चल रही है।

प्रमुख अभियंता जैसे अहम पद पर स्थायी नियुक्ति न होने से विभागीय कार्यों और राज्य के सिंचाई–जल संसाधन परियोजनाओं , वर्षा ऋतु, विधानसभा सत्र पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों और आरोपों से जुड़े तथ्यों का स्पष्ट निराकरण नहीं हो जाता, तब तक विवादित अधिकारी को विभाग की कमान सौंपना शासन–प्रशासन की विश्वसनीयता पर सीधे प्रश्नचिह्न लगाता है।



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