छत्तीसगढ़

पुलिस ने छात्रों को महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके

Shantanu Roy
8 Aug 2026 10:47 PM IST
पुलिस ने छात्रों को महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके
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छग
Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से आम नागरिकों और विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत शनिवार को माधवराव सप्रे शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, बूढ़ापारा में ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना कोतवाली पुलिस की टीम ने स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधे संवाद करते हुए महिला सुरक्षा, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात नियम और नशे के दुष्प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का आयोजन थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार, परिवीक्षाधीन उप निरीक्षक ज्योति पटेल और थाना कोतवाली स्टाफ द्वारा किया गया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी देने के साथ उनकी जिज्ञासाओं और सवालों का भी समाधान किया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि जागरूकता और सतर्कता किसी भी अपराध से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में सबसे प्रमुख रूप से महिला सुरक्षा और महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाया तथा किसी भी प्रकार की असहज स्थिति सामने आने पर बिना डर के माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को जानकारी देने की सलाह दी। बाल सुरक्षा और बच्चों से जुड़े अपराधों को लेकर भी विद्यार्थियों को आवश्यक सावधानियां बताई गईं।
इसके साथ ही कार्यक्रम में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी को लेकर विशेष जागरूकता दी गई। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि अनजान नंबर से आने वाली कॉल, संदिग्ध लिंक, क्यूआर कोड और मैसेज पर बिना जांचे भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की समझाइश दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर ठगी होने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए। इसके लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई। साथ ही नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। सोशल मीडिया के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी विद्यार्थियों से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान यातायात नियमों को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल, सड़क पर सुरक्षित तरीके से चलने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि युवा वर्ग देश और समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए युवाओं में अपराध और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
इस दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न आपातकालीन और सहायता हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने आपात स्थिति में 112, महिला सुरक्षा के लिए 1091 और बाल सुरक्षा के लिए 1098 हेल्पलाइन का उपयोग करने के बारे में बताया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी आपात स्थिति में मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ एकतरफा संबोधन के बजाय सीधे संवाद किया। विद्यार्थियों ने सुरक्षा, सोशल मीडिया, साइबर अपराध और यातायात से जुड़े कई सवाल पूछे। पुलिस अधिकारियों ने उनके सवालों का सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से जवाब दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस और विद्यार्थियों के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूत करने का प्रयास किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित समाज के निर्माण की जिम्मेदारी केवल पुलिस की नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को भी अपने दायित्वों के प्रति जागरूक रहना होगा। विद्यार्थियों को भी अपने परिवार और आसपास के लोगों को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के जनजागरूकता अभियान के तहत इस तरह के कार्यक्रम आगे भी जारी रहने की बात कही गई है। थाना कोतवाली पुलिस का उद्देश्य स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर संवाद के माध्यम से लोगों को कानून और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि अपराध की रोकथाम के साथ नागरिकों और पुलिस के बीच भरोसे का रिश्ता और मजबूत हो सके।
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