छत्तीसगढ़

विधवा के हिस्से का जमीन मुआवजा राशि गटक गया पड़ोसी, पीड़ा सुनने वाला नहीं

Nil dhankar
2 March 2026 1:48 PM IST
विधवा के हिस्से का जमीन मुआवजा राशि गटक गया पड़ोसी, पीड़ा सुनने वाला नहीं
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बिलासपुर। सकरी तहसील के ग्राम लोखंडी में एक मुआवजा घोटाला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग विधवा दूजबाई के हक का पांच लाख, 12 हजार का मुआवजा साहब की एक कलम ने पड़ोसी के नाम से बना दिया। अरपा भैंसाझार परियोजना और नेशनल हाईवे के लिए दूजबाई की जमीन अधिग्रहित की गई है, लेकिन सरकारी नक्शे में हुई हेरफेर ने उन्हें पाई-पाई के लिए मोहताज कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ अपील करने के बावजूद महीनों से कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

ग्राम लोखंडी की रहने वाली 70 वर्षीय दूजबाई बेवा रामाधार की खसरा नंबर 71/1ग में नेशनल हाईवे और 71/1ख की जमीन पर नहर का निर्माण कर दिया। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार जमीन के नक्शा बटांकन में ऐसी त्रुटि की गई कि दूजबाई की जमीन 71/1 ख की 47 डिस्मिल जमीन कागजों पर पड़ोसी सूरज बली कश्यप की दिखने लगी।

नतीजा यह हुआ कि मुआवजे की राशि पांच लाख 12 हजार रुपए असली हकदार को मिलने के बजाय दूसरे पक्ष को देने का षडयंत्र रचा गया है। बुजुर्ग महिला के साथ हुए अन्याय का सूरजबली कश्यप व बेटे सतीष कश्यप ने भी विरोध किया है। दोनों का आरोप है कि उनके असहाय होने का फायदा उठाकर तहसील कार्यालय के अधिकारियों ने रसूखदारों के साथ मिलकर सारा खेल खेला है। मामले की शिकायत कलेक्टर और तहसीलदार से की गई, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि तहसीलदार राहुल शर्मा फाइल दबाकर बैठे हैं और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

पड़ोसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि बुजुर्ग महिला के साथ धोखाधड़ी हुई है। दूजबाई ने मांग की है कि उनकी जमीन का नापजोख और सीमांकन कर नक्शा सुधारा जाए और उन्हें उनका वैध मुआवजा दिलाया जाए।


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