छत्तीसगढ़

मिलने बुलाया और शादी की जिद करने लगा प्रेमी, इनकार करने पर प्रेमिका का किया मर्डर

Nil dhankar
27 Jan 2026 10:09 AM IST
मिलने बुलाया और शादी की जिद करने लगा प्रेमी, इनकार करने पर प्रेमिका का किया मर्डर
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बालोद। जिले के गुरामी जंगल में 24 जनवरी को मिली एक महिला की लाश की गुत्थी सुलझा ली गई है. इस मामले में पुलिस जांच में कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं. महिला की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही सिरफिरे प्रेमी ने की थी. प्रेमी ने ही जंगल में गला दबाकर उसे बेहोश किया और फिर पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है.

दरअसल, बालोद के डौण्डी लोहारा थाना क्षेत्र के गुरामी गांव का रहने वाला एक व्यक्ति ने 24 जनवरी को सुबह लगभग 10 बजे जंगल की ओर लकड़ी के लिए गया. जहां उसे तेज बदबू आने लगी और वह नजदीक जाकर देखा तो किसी इंसान के पैर की उंगलियां नजर आई. गांव के लोगों ने थाने पहुंचकर जानकारी दी. पुलिस टीम मौके पर पहुंची. इस दौरान पुलिस के बड़े अफसर, साइबर सेल, डाॅग स्क्वाड और फाॅरेंसिक टीम मौजूद रही. पत्थर को हटाकर देखा गया तो एक महिला की सड़ी गली लाश मिली. 16 जनवरी को एक महिला के लापता होने की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. उसी महिला के भाई को मौके पर बुलाया गया. महिला के हाथ में बने टैटू और उसके पहनावे को देखा तब शव की पहचान हो गई, वह उसकी बहन कमला राजपूत थी. पुलिस ने मर्ग पंचनामा कर लाश को पास्टमार्टम के लिए भेज दिया. गुमशुदगी रिपोर्ट के दौरान पुलिस को परिजनों ने महिला के मोबाईल नंबर दिया था. जब महिला गायब हुई थी उसी दिन घर से निकलने से पहले हुए कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने तरौद निवासी नेमीचंद को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की. कड़ाई से पूछने पर नेमीचंद ने हत्या करना कबूल किया.

आरोपी नेमीचंद साहू ने पुलिस को बताया कि उसके और कमला के बीच प्रेम संबंध थे. 16 जनवरी के दिन मृतिका कमला और नेमीचंद ने मिले. कमला उस दिन दोपहर 2 बजे अपने घर से निकली. दोनों नेमीचंद की बाईक से होकर गुरामी के जंगल में पहुंचे. दोनों अक्सर इसी जंगल में मुलाकात करने के लिए जाया करते थे. जंगल पहुंचे तो उसने पहले शराब पी. इस दौरान नेमीचंद ने कमला से शादी करने और उसके घर चलने का प्रस्ताव रखा. लेकिन कमला ने शादी करके उसके घर जाने से इनकार कर दिया. इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया और एक समय ऐसा आया कि नेमीचंद ने कमला का गला घोट दिया. महिला बेसुध होकर जमीन पर गिर गई फिर नेमीचंद ने जमीन पर घसीटते हुए जंगल के निचले हिस्से में ले गया. तब तक कमला की सांसे चल रही थी. तो नेमीचंद ने कमला के शरीर को जमीन पर बने गड्ढे में रखकर एक बड़े भारी पत्थर से सिर को कुचल दिया ताकि महिला की पहचान ना हो सके. साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपी ने कमला के शरीर को पत्थरों से ढक दिया. घटना को अंजाम देने के बाद कमला के फोन पर लगातार उनके परिजनों का फोन आ रहा था…तब नेमीचंद उसका मोबाईल लेकर अपने घर चले गया और रातभर सो गया. फिर सुबह काम के लिए ट्रेन से दुर्ग रवाना हो गया. दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचने पर जब कमला के परिजनों का कॉल आया तो नेमीचंद ने मोबाइल को पटककर तोड़ दिया और रेल्वे ट्रैक पर ही फेक दिया. पुलिस ने नेमीचंद के निशानदेही पर कमला की टूटी चुड़ियां, हत्या को अंजाम देने वाले पत्थर, शराब की शीशी, कमला का मोबाइल बरामद कर किया और आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया.

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