वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में गैर छत्तीसगढ़ी और फर्जियों का साम्राज्य

अधिकारियों की मनमानी प्रधानमंत्री और सीएम को भी कुछ नहीं समझ रहे
रायपुर (जसेरि)। जनता से रिश्ता लगातार सरकारी कर्मचारियों के साथ आम जनता के मुद्दा को प्रमुखता से प्रकाशित करते रहा है। पिछले दिनों वन विभाग में प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में चालक भर्ती निकाला गया था जिसमें अभ्यर्थियों से भर्ती प्रक्रिया अंतर्गत पैदल चालन के लिए बुलाया गया।
जिसमें वन विभाग व्दारा चहेते वाहन चालक दिलीप कुमार आदिल को बुलावा पत्र 26 सितंबर 2025 को प्रेषित किया गया । दिलीप कुमार आदिल व्दारा उक्त कार्यालय का अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न है जो 07 वर्ष का है जो कि भर्ती हेतु आवेदन के साथ लगाया गया वो फर्जी है। इसकी जानकारी संबंधित विभाग से सूचना के अधिकार के तहत निकाला गया है। शिकायत कर्ता ने बताया कि प्रधान वन संरक्षक विभाग में हल्का वाहन चालक भर्ती रायपुर डिवीजन से लिया जा रहा है। इस संबंध में लगातार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई रायपुर डिवीजन द्वारा नहीं किया गया।
इस मामले की शिकायत सीएमओ आफिस तक होने के बाद भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इससे साफ जाहिर होता है कि विभाग बैठे बड़े अधिकारी अपनी मनमानी से विभाग का संचालन कर अपने चहेतों को उपकृत करना चाहते है। जबकि योग्यता के मामले में अन्य योग्य़ अ यर्थी है उनका हक मार कर परदेशियों, बाहरी, आपराधिक मामले के आरोपी, और फर्जी प्रमाणपत्र धारकों को प्रश्रय दे रहे है। प्रधान वन संरक्षक कार्यालय हमेशा अपने अजीबो-गरीब कारनामें से सुर्खियों में रहा है। अब वाहन चालक जैसे चतुर्थ श्रेणी पद पर भी अतिक्रमण कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के खेल खेल रहे है। 26 सिसंतबर को होने वाले हल्का वाहन चालक पैदल परीक्षण में दिलीपआदिल को हर हाल में नौकरी पर रखने की साजिश रची जा रही है । जबकि उसके खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र होने का पुख्ता सबूत शिकायत कर्ता के पास उपलब्ध है। इन आरोपों पर पक्ष जानने के लिए जनता से रिश्ता संवाददाता ने डीएफओ लोकनाथ पटेल ने फोन पर बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन रिसिव नहीं किया। वहीं तेजश शेखर ने बताया कि प्रक्रिया अभी प्रारंभिक दौर में है। दौड़ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेजों की जांच के दौरान उक्त बातों की भी जांच की जाएगी। और सभी प्रमाण पत्र के जांच के उपरांत ही नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी। इसी में सभी तथ्यों को देखा जाएगा कि अ यार्थी ने दस्तावेज फर्जी जमा किया है या ओरिंजनल उसी समय यह भी देखा जाएगा कि अ यार्थी मूल निवासी है कि बाहरी।





