छत्तीसगढ़

देवभोग दुग्ध संयंत्र की स्थापना से जिले में बढ़ेंगे डेयरी और रोजगार के अवसर

Shantanu Roy
31 Oct 2026 9:30 PM IST
देवभोग दुग्ध संयंत्र की स्थापना से जिले में बढ़ेंगे डेयरी और रोजगार के अवसर
x
छग
Sarangarh–Bilaigarh. सारंगढ़–बिलाईगढ़। राज्य शासन की जिले में दुग्ध उत्पादन और डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने की नीति एवं मंशा के अनुरूप जिले में देवभोग दुग्ध संयंत्र स्थापित करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। संयंत्र से दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन को स्थानीय स्तर पर बढ़ावा मिल सकेगा। इससे पशुपालकों को बाजार उपलब्ध कराने और डेयरी आधारित रोजगार के अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी। कलेक्टर ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पशुधन विकास विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विभाग ऐसी कार्ययोजना बनाए, जिससे स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को बाजार से जोड़ने के साथ युवाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए भी डेयरी से जुड़ी गतिविधियों के अवसर विकसित हों। पशुधन विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति में तत्काल सुधार लाने और कार्यों में तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। मैदानी स्तर पर लापरवाही और कमजोर क्रियान्वयन स्वीकार नहीं किया जाएगा। देवभोग दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता और बिक्री बढ़ाने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में विक्रय केंद्र स्थापित करने तथा जिले के प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। आगामी राज्योत्सव में भी देवभोग उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय के निर्देश दिए।

इन केंद्रों से स्थानीय स्तर पर दुग्ध उत्पादों की पहुंच और विपणन को बढ़ावा मिलेगा। गौवंशीय तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक महेंद्र पांडेय ने बताया कि शिकायत मिलने पर विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। पिछले चार माह में नौ लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कलेक्टर ने विभागीय अमले को सूचनातंत्र मजबूत करने और ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचित कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के प्रसव, पीपीआर और सीएसएफ टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भारत पशुधन पोर्टल में गतिविधियों की जानकारी समय पर और पूरी तरह दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय टीकाकरण और योजनाओं का लाभ
पात्र हितग्राहियों
तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। निराश्रित गौवंश के संरक्षण पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने नगर क्षेत्रों में उनके लिए चारे और संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा। अधिकारियों ने पशु चिकित्सा सेवाओं में रिक्त पदों के कारण मैदानी स्तर पर आ रही कठिनाइयों की जानकारी दी। कलेक्टर ने रिक्तियों की जानकारी प्रस्तुत करने और पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
Next Story