छत्तीसगढ़

साय सरकार की सशक्तीकरण योजनाओं ने युवा वर्ग को बनाया मजबूत

Nil dhankar
29 Jan 2026 2:55 PM IST
साय सरकार की सशक्तीकरण योजनाओं ने युवा वर्ग को बनाया मजबूत
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रायपुर। प्रदेश के युवा बहुत प्रतिभावान हैं। उनके भीतर अनूठे विचार हैं। स्टार्टअप की छत्तीसगढ़ में बड़ी संभावना है। सरकार इसे प्रोत्साहित कर रही हैं। कोवर्किंग स्पेस बना रही हैं जहां बेहद कम खर्च में स्टार्टअप आरंभ करने की इच्छा रखने वाला युवा अपना सेटअप स्थापित कर सकते है। आईटी सेक्टर को विशेष रूप से प्रेरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति के हाथों ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की बुलंद इमारत खड़ी होगी। हमारे युवा हमारे प्रदेश के भविष्य हैं। युवाओं की शक्ति और संकल्प के बूते ही हम प्रदेश के नवनिर्माण की राह पर तेजी से बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता से आयोजित हुईं। जब रिजल्ट आया तो मैंने टापर्स को सम्मानित करने बुलाया। उनके चेहरे में संतोष था। उन्होंने मुझे बताया कि पीएससी के भ्रष्टाचार से वे सब टूट चुके थे, नई सरकार ने जिस तरह से भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाइयां की, उससे उनका भरोसा सिस्टम में लौट आया। युवा परीक्षाओं की तैयारी तभी बेहतर तरीके से कर पाते हैं जब उन्हें महसूस होता है कि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी। हमने पीएससी की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अनेक उपाय किये हैं। पीएससी की परीक्षा को यूपीएससी के पैटर्न पर हम आयोजित करने जा रहे हैं। इससे प्रदेश के युवाओं का चयन केंद्रीय सेवाओं में भी अधिकाधिक संख्या में हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली के यूथ हास्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी है ताकि यहां बेहतर कोचिंग कर युवा यूपीएससी परीक्षा क्लियर कर सकें। हमने व्यापम की परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है। तय समय पर परीक्षा होगी। इसके साथ ही हम विभागों के रिक्त पदों को भरने की भी कार्रवाई तेजी से कर रहे हैं। हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया है। यह शिक्षा नये जमाने के रोजगार के लिए युवाओं को तैयार करेगी। नई औद्योगिक नीति का जिक्र करते हुए कहा कि हमने नई उद्योग नीति में इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि स्थानीय युवाओं को अधिकतम संख्या में रोजगार मिले। इसके लिए हम उन उद्योगों को विशेष अनुदान सहायता प्रदान करेंगे जो 1 हजार अथवा इससे अधिक स्थानीय युवकों को रोजगार देंगे। प्रदेश में अगले पांच सालों में ढाई लाख करोड़ निवेश होने की संभावना है जिससे पांच लाख नये रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

ट्रायबल यूथ हॉस्टल, नई दिल्ली का लाभ उठा रहे 200 युवा

उक्त योजना वर्ष 2013-14 से संचालित है। पूर्व में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु कुल 50 सीट एवं ड्रॉपर/रिपीटर बैच अंतर्गत 15 अन्य सीट स्वीकृत थीं। वर्ष 2024-25 में युवाओं को परीक्षा की तैयारी हेतु अधिकाधिक अवसर प्रदान करने की दृष्टि से अतिरिक्त 135 सीटों की वृद्धि करने से वर्तमान में कुल 200 सीट स्वीकृत हैं। वर्ष 2025-26 में कुल 165 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब तक इस योजना के माध्यम से 04 आई.आर.एस. (UPSC) 05 सहायक कमाण्डेंट (UPSC) 13 डिप्टी कलेक्टर, 12 उप पुलिस अधीक्षक, 19 नायब तहसीलदार एवं 111 अन्य पदों (एसीएफ, सीईओ, लेखाधिकारी, फारेस्ट रेंजर, एसएएसओ) पर अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इस प्रकार अब तक कुल 164 अभ्यर्थी विभिन्न पदों पर चयनित होकर कार्यरत हैं।

युवा उत्थान योजना को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर केंद्रित करने के लिये पुनर्गठित किया गया है। इसका लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर, प्रतिभाशाली युवाओं को उच्च स्तरीय परीक्षाओं जैसे IAS/IPS/CGPSC/SSC/बैंकिंग आदि की तैयारी के लिये निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री और हॉस्टल सुविधाएँ प्रदान करना है। इसमें अनुसूचित जाति/जनजाति, OBC एवं महिलाओं के लिये आरक्षण का प्रावधान है, जिससे समान अवसर सुनिश्चित हो सके। इस योजना से हुए मुख्य लाभ:

राज्य और दिल्ली के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में निःशुल्क प्रशिक्षण

अध्ययन सामग्री, डिजिटल संसाधन और हॉस्टल सुविधाएँ

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिये विशेष अवसर

मुख्यमंत्री निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना

छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग (4-10 माह) प्रदान करने के लिये विशेष योजना लागू की है, ताकि वे CGPSC, व्यापम, पुलिस, पटवारी, शिक्षक, SSC, रेलवे, बैंकिंग आदि परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। इसे अब छात्रवृत्ति मॉडल से आगे बढ़ाकर पूर्ण प्रशिक्षण-आधारित ढांचे के रूप में लागू किया गया है।

श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये तैयार करना

100% निःशुल्क कोचिंगसामाजिक समानता और आर्थिक बाधाओं का निराकरण

नालंदा परिसर- 24×7 अध्ययन और सहयोग केंद्र

युवाओं की बदलती अध्ययन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नालंदा परिसर मॉडल तैयार किया गया है। यहाँ डिजिटल संसाधन, समूह चर्चा, शांत अध्ययन क्षेत्र, और Oxy Reading Zone जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह एक आधुनिक, सहयोग-आधारित अध्ययन वातावरण प्रदान करता है, जिससे युवा अपनी पढ़ाई को बेहतर और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ा सकें।

21 करोड़ की लागत से फेस 2 का भूमिपूजन

बसंत पंचमी के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सौगात मिली। एनआईटी, जीई रोड स्थित 1017 सीटर नालंदा परिसर फेस–2 का 21 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से विधिवत भूमिपूजन एवं कार्यारंभ किया गया। यह परिसर युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक और सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

छात्रावास एवं आश्रम योजना (2024-25 सुदृढ़ीकरण)

छात्रावासों को अब सिर्फ आवास से आगे बढ़ाकर पूरक शैक्षणिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें पुस्तकालय, डिजिटल स्टडी रूम, वाई-फाई, सुरक्षित रहने की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य है ग्रामीण और आदिवासी छात्रों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक समर्थन देना।

भोरमदेव विद्यापीठ- सांस्कृतिक व बौद्धिक मंच

भोरमदेव क्षेत्र में स्थापित विद्यापीठ को शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक गतिविधियों का केंद्र बनाया गया है। यहाँ कौशल प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षा सेमिनार और युवा संवाद आयोजित किये जाते हैं, जिससे युवाओं का व्यक्तित्व और नेतृत्व कौशल विकसित होता है। भोरमदेव विद्यापीठ संचालन की पहल कर रहे हैं, प्रति वर्ष 200 प्रतिभावान युवाओं को सीजी पीएससी और सीजी व्यापम परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस पहल से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राओं को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग मिल रही है और सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं को हासिल करने का रास्ता उनके लिए आसान हुआ है। अनुभवी शिक्षक, सटीक रणनीति, सिलेबस के अनुसार स्टडी मटेरियल और मार्गदर्शन प्रतिभागियों की तैयारी पुख्ता हो रही है।

खेल और खेल-अधोसंरचना विकास

सरकार ने प्रत्येक विकासखंड में मिनी स्टेडियम और खेल सुविधाओं का निर्माण शुरू किया है। इन स्टेडियमों में एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल और अन्य खेलों के अभ्यास के अवसर उपलब्ध हैं, जिससे स्थानीय प्रतिभाएँ अपने क्षेत्र में ही ट्रेनिंग प्राप्त कर सकें। साथ ही दिव्यांग खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता देकर खेल में आगे बढ़ने का मौका दिया गया है।

बस्तर ओलंपिक- सामाजिक एकीकरण और खेल उत्सव

बस्तर ओलंपिक एक अनूठी पहल है जो खेल के माध्यम से स्थानीय जनजातीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर सशक्त बना रही है। बस्तर ओलंपिक ने क्षेत्र के युवाओं के लिए बंदूक छोड़ खेल के मैदान को चुनने का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। इस आयोजन ने रिकॉर्ड 3.91 लाख पंजीकरण (2025 में) के साथ व्यापक जनभागीदारी हासिल की है, जिसमें 700 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सलियों और हिंसा के पीड़ितों ने एक साथ मंच साझा किया। यह पहल युवाओं को न केवल 'बस्तर यूथ आइकन' के रूप में पहचान दिला रही है, बल्कि उन्हें खेलो इंडिया जैसी राष्ट्रीय योजनाओं और वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं के लिए प्रशिक्षित कर मुख्यधारा से जोड़ रही है। 'कसाय ता बस्तर, बरसाय ता बस्तर' (बस्तर खेलेगा, बस्तर बढ़ेगा) के ध्येय वाक्य के साथ, यह ओलंपिक बस्तर में शांति, विकास और युवाओं के आत्मविश्वास को पुनर्स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम बन गया है

उद्यम-क्रांति एवं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना

सरकार ने उद्यम क्रांति योजना को पुनः प्रभावी रूप से लागू किया है, जिसमें बिना ब्याज ऋण, 50% तक अनुदान तथा सरल आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रोत्साहित किया जाता है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना 18-35 आयु वर्ग के बेरोज़गार युवाओं को व्यवसाईक सहायता प्रदान करती है, जिसमें SC/ST/OBC, महिलाएँ और दिव्यांग युवाओं को विशेष लाभ मिलता है।

CM साय की सोच और मोदी की गारंटी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सोच और 'मोदी की गारंटी' के साथ तालमेल से राज्य में शिक्षा, कौशल, खेल और उद्यमिता की एक मजबूत प्रणाली तैयार हो रही है। यह स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का भविष्य उन्हीं युवाओं के कंधों पर टिकेगा, जिन्हें आज सक्षम, आत्मनिर्भर और अवसरसम्पन्न बनाया जा रहा है।

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