तहसीलदार और पटवारी ने 70 एकड़ सरकारी जमीन को बेचा, कलेक्टर को मिली शिकायत

राजपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भूमि घोटाला सामने आया है, जिसमें कई ग्रामों की शासकीय एवं निजी भूमि को कथित रूप से अवैध तरीके से एक ही परिवार के नाम कर दिए जाने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध कई पंचायत के ग्रामीणों ने कलेक्टर बलरामपुर को लिखित शिकायत देकर तत्काल जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के शिकायत पत्र के अनुसार ग्राम पंचायत कोदौरा, कोटडीह, भेण्डरी, परसवार खुर्द, करगडीहा और पकराडी में स्थित कुल लगभग 60 से 70 एकड़ भूमि (शासकीय एवं भू-स्वामियों की निजी भूमि) को कथित रूप से तहसीलदार राजपुर और संबंधित पटवारी की मिलीभगत से एक ही परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज कर दिया गया है।
शिकायत में उल्लेख है कि यह भूमि एक ही परिवार के सात लोगों के नाम पर नामांतरण की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरा नामांतरण ऑनलाइन दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर किया गया है। महज कुछ सालों के भीतर बड़ी मात्रा में भूमि परिवार के नाम चढ़ा दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि धान खरीदी पंजीयन के लिए उन्होंने ऑनलाइन खसरा/बी-1 निकाला, तो वास्तविक भूमि स्वामियों के नाम की जगह गुप्ता परिवार के नाम दर्ज मिले। इस गंभीर विसंगति की सूचना एक सप्ताह पूर्व पटवारी एवं तहसीलदार को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने मामला कलेक्टर के संज्ञान में लाया है।





