शिक्षक ने बिना इस्तीफे के लड़ा था लोकसभा चुनाव, चुनाव आयोग से शिकायत

रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी प्रविशांत सलोमन द्वारा चुनाव प्रक्रिया में की गई गंभीर कानूनी और नैतिक अनियमितताओं के संबंध में आज एक विस्तृत शिकायत पत्र भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली को प्रेषित किया गया है। शिकायतकर्ता राहुल करीम, वरिष्ठ समाजसेवी और जागरूक मतदाता ने निर्वाचन आयोग से तत्काल संज्ञान लेकर विधिक कार्यवाही की माँग की है।
शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप - बिना NOC के चुनाव लड़ना – प्रविशांत ने स्वयं को नामांकन पत्र में शिक्षक घोषित किया है, परन्तु बिना सेवा-मुक्ति या वैध अनुमति लिए चुनाव में भाग लिया है। यह सेवा शर्तों, CBSE/शिक्षा मंडल दिशा-निर्देशों और आचार संहिता का उल्लंघन है।
आय की झूठी घोषणा – नामांकन शपथपत्र (Form 26) में मात्र ₹20 की वार्षिक आय घोषित की गई है, जो एक पूर्णकालिक शिक्षक के रूप में संदिग्ध और असत्य प्रतीत होती है। यह Representation of People Act, 1951 की धारा 125A के अंतर्गत दंडनीय अपराध हो सकता है। विद्यालय संसाधनों का दुरुपयोग – प्रचार के लिए संस्थान की छात्राओं, संसाधनों, परिसर और कर्मचारियों का उपयोग किया गया, जो "Right to Education Act" और "Child Protection Norms" का स्पष्ट उल्लंघन है। चुनावी फंडिंग में पारदर्शिता की कमी – प्रचार सामग्री, पोस्टर, बैनर आदि के खर्च की वैध जानकारी न देना अवैध फंडिंग और असत्य घोषणा की श्रेणी में आता है। शैक्षणिक योग्यता की सत्यता पर संदेह – प्रविशांत द्वारा प्रस्तुत पोस्ट ग्रेजुएट प्रमाण पत्र में संभावित धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े की संभावना जताई गई है। इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
मांगें
1. बिना NOC और वैध सेवा-मुक्ति के चुनाव लड़ने की वैधता की जाँच की जाए।
2. आय और अन्य घोषणाओं की सत्यता की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
3. यदि उल्लंघन प्रमाणित होते हैं, तो Representation of People Act की धारा 125A के अंतर्गत कार्यवाही की जाए।
4. चुनाव में अनैतिक साधनों के उपयोग पर शीघ्र अनुशासनात्मक व विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।





