छत्तीसगढ़

भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में छात्र विश्वनाथ पाव विकासखंड स्तर पर प्रथम

Shantanu Roy
20 March 2026 6:47 PM IST
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में छात्र विश्वनाथ पाव विकासखंड स्तर पर प्रथम
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Raigarh. रायगढ़। पुसौर विकासखंड में युवाओं को भारतीय संस्कृति, इतिहास, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराने के लिए अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार एवं विद्या भारती द्वारा आयोजित ज्ञान परीक्षा में शासकीय माध्यमिक शाला पंचपारा के छात्र विश्वनाथ पाव ने विकासखंड स्तर पर प्रथम स्थान और जिला स्तर पर तृतीय स्थान हासिल कर विद्यालय और संकुल का नाम गौरवान्वित किया। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों में भारतीय संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, महान विभूतियों, धर्म-कर्म के वैज्ञानिक आधार,
नैतिक शिक्षा
, सामाजिक मूल्यों और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति जागरूकता विकसित करना था। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने न केवल ज्ञान की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि अपने आत्मविश्वास और प्रतियोगिता भावना का भी परिचय दिया।

पंचपारा स्कूल की अन्य छात्राओं ने भी इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया। कु. सीमा पाव ने विकासखंड स्तर पर द्वितीय और कु. पूनम पाव ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय की उपलब्धियों में चार चाँद लगा दिए। इस सफलता ने स्कूल के समग्र शैक्षणिक और सांस्कृतिक मानकों को भी नई ऊँचाई दी। उक्त उपलब्धि के उपलक्ष्य में स्कूल में एक सामूहिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संकुल प्राचार्य श्रीमती चंद्रकांता खरे, प्रधान पाठक मा. शा. गुणमणी गुप्ता, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला हेमसागर साव, सीएसी श्रवण कुमार साव सहित शिक्षकगण दुरेंद्र नायक, जान्हवि देहरी, जानकी गुप्ता, जितेंद्र पटेल, नीतू प्रधान, नरेश चौहान और श्यामदयाल पटेल उपस्थित थे। कार्यक्रम में पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।

सभी शिक्षकों और अतिथियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी और उनके सतत प्रगति की कामना की। इस अवसर ने न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से छात्रों में ज्ञान अर्जन, संस्कार, सांस्कृतिक जागरूकता, धार्मिक शिक्षा, नैतिक मूल्यों और स्वावलंबन की भावना विकसित होती है। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों ने भारतीय संस्कृति और इतिहास के महत्वपूर्ण पहलुओं को सीखा और अपने ज्ञान का प्रयोग करके खुद को प्रमाणित किया। इस अवसर पर सभी ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया कि वे इसी तरह ज्ञानार्जन, शिक्षा, आध्यात्मिक जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण, और सकारात्मक सोच में उत्कृष्टता प्राप्त करें। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन जारी रहेगा, जिससे छात्रों में स्वयं विकास, सामाजिक जिम्मेदारी, और भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम और सम्मान बढ़े। पंचपारा स्कूल की इस सफलता ने क्षेत्र में शिक्षा और संस्कार को नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान किया। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि स्थानीय स्तर पर अन्य स्कूलों और शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हुई।
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