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Durg. दुर्ग। जिले में अपराधों की रोकथाम और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आईपीएस विजय अग्रवाल ने पाटन अनुविभाग के थाना प्रभारियों और विवेचकों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। यह बैठक थाना उतई परिसर में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न थाना क्षेत्रों के अपराधों, चालानों और लंबित मामलों की थानावार समीक्षा की गई। एसएसपी अग्रवाल ने बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण 60 से 90 दिनों के भीतर हर हाल में किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो प्रकरण दूसरे राज्यों से जुड़े हैं, उनमें पुलिस टीमों को तुरंत रवाना किया जाए और आवश्यक अनुमति लेकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गुंडा निगरानी और हिस्ट्रीशीटरों पर सख्ती
बैठक में एसएसपी ने प्रत्येक थाना क्षेत्र के गुंडा निगरानी बदमाशों, गैंग संचालकों और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थानेदार बीट और सब-बीट स्तर पर ऐसे व्यक्तियों के चालचलन, आय के स्रोत और आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नियमित रूप से एकत्र करें। साथ ही जेल में निरुद्ध अपराधियों की भी सतत मॉनिटरिंग करते रहें, ताकि जेल से संचालित होने वाले किसी भी आपराधिक नेटवर्क को रोका जा सके। अग्रवाल ने कहा कि अपराधियों की गतिविधियों पर नियंत्रण और अपराध की रोकथाम तभी संभव है जब पुलिस की जमीनी उपस्थिति मजबूत हो। उन्होंने थाना प्रभारियों से कहा कि वे क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाएं और स्थानीय स्तर पर जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें।
फरियादियों को प्राथमिकता से सुनवाई और कार्रवाई का निर्देश
एसएसपी अग्रवाल ने थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी कि थाने में आने वाले फरियादियों की शिकायतों को प्राथमिकता से सुना जाए और उनका त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता का पुलिस पर भरोसा तभी कायम रहेगा जब शिकायतकर्ता को न्याय समय पर मिले। शिकायतों के निपटारे में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि थाना स्तर पर लंबित जांच और विवेचना को गंभीरता से लिया जाए तथा विवेचक नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर
बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। एसएसपी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने की सख्त हिदायत दी जाए। जो लोग नियमों का उल्लंघन करें, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही आम जनता को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की बात कही गई।
स्वास्थ्य और अनुशासन पर जोर
बैठक के दौरान एसएसपी अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है,” इसलिए सभी पुलिसकर्मी रोजाना योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। इससे न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि तनावमुक्त वातावरण भी बनेगा।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में एसडीओपी पाटन अनूप लकड़ा, थाना प्रभारी उतई महेश ध्रुव, अमलेश्वर टीआई बसंत बघेल, पाटन टीआई अनिल साहू, रानीतराई टीआई पुरुषोत्तम कुर्रे, जामगांव टीआई फागूराम साहू सहित अन्य थाना प्रभारी, विवेचक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में एसएसपी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास और कानून व्यवस्था की स्थिरता बनाए रखना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी कर्मचारी लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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