छत्तीसगढ़
रायपुर पुलिस लाइन में SSP लाल उम्मेद सिंह ने किया शस्त्र पूजन
Shantanu Roy
2 Oct 2025 6:37 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। विजयदशमी और दशहरा पर्व के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग द्वारा पारंपरिक शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गुरुवार प्रातः 9 बजे रक्षित केंद्र रायपुर (पुलिस लाइन) में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के कप्तान लाल उम्मेद सिंह ने शस्त्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर परंपरा का निर्वहन किया। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों और जवानों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना में भाग लिया और देश-प्रदेश की शांति, सुरक्षा और समृद्धि की कामना की। शस्त्र पूजन भारतीय संस्कृति और सैन्य परंपरा का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। दशहरा और विजयदशमी के दिन इसे विशेष महत्व दिया जाता है क्योंकि यह पर्व अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर शस्त्रों की पूजा कर पुलिस बल के जवान अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा और साहस का संकल्प दोहराते हैं।
कार्यक्रम में रायपुर के कप्तान लाल उम्मेद सिंह के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कीर्तन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) दौलत राम पोर्ते, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) प्रशांत शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नवा रायपुर) IPS विवेक शुक्ला शामिल थे। इसके अलावा उप पुलिस अधीक्षक गुरजीत सिंह और सतीश ठाकुर, नगर पुलिस अधीक्षक (आज़ाद चौक) प्रशिक्षु आईपीएस इशू अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक (पुरानी बस्ती) राजेश देवांगन, तेलीबांधा थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा, तथा सरस्वती नगर थाना प्रभारी नरेंद्र साहू भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने सामूहिक रूप से शस्त्र पूजन में भाग लिया और विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं।
पूजन स्थल पर सबसे पहले विधिवत मंत्रोच्चार के बीच देवी-देवताओं का आह्वान किया गया। इसके बाद शस्त्रों की आरती और तिलक कर नारियल, पुष्प और दीप अर्पित किए गए। रायपुर पुलिस ने इस अवसर पर पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ आधुनिक शस्त्रों की भी पूजा की। इसमें बंदूक, पिस्तौल, राइफल और अन्य सुरक्षा उपकरण शामिल थे। कार्यक्रम में अधिकारियों ने विजयदशमी का महत्व भी साझा किया। उन्होंने कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की जीत का पर्व है। इस दिन शस्त्र पूजन कर पुलिस बल अपने कर्तव्यनिष्ठा और साहसिक दायित्वों की याद दिलाता है। अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि पुलिस हमेशा नागरिकों की सुरक्षा, शांति और न्याय के लिए तत्पर रहेगी।
शस्त्र पूजन समारोह के बाद पुलिस जवानों ने अनुशासन और एकता का परिचय दिया। इस दौरान पुलिस लाइन में विशेष रूप से साफ-सफाई और सजावट की गई थी। शस्त्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें परंपरागत और आधुनिक दोनों प्रकार के हथियार प्रदर्शित किए गए। गौरतलब है कि दशहरा पर्व पर देशभर में सेना और पुलिस बलों द्वारा शस्त्र पूजन की परंपरा निभाई जाती है। यह परंपरा वीरता, पराक्रम और अनुशासन का प्रतीक मानी जाती है। रायपुर पुलिस द्वारा हर वर्ष आयोजित यह कार्यक्रम न केवल परंपरा को जीवित रखता है, बल्कि जवानों के मनोबल को भी बढ़ाता है। इस अवसर पर कप्तान लाल उम्मेद सिंह ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस बल का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास कायम करना भी है। विजयदशमी का पर्व हमें यह संदेश देता है कि यदि हम सत्य और धर्म के मार्ग पर चलें, तो हर चुनौती का डटकर सामना कर सकते हैं।
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