आरक्षक सीधी भर्ती 2024 में चयनित युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र

रायपुर/बीजापुर। आरक्षक सीधी भर्ती 2023-24 के तहत् आरक्षक सीधी भर्ती चयन प्रक्रिया में आरक्षक, आरक्षक (चालक) एवं आरक्षक( ट्रेड) के पद पर भर्ती प्रक्रिया के तहत् जिला बीजापुर में 337 अभ्यर्थियों का आरक्षक के पद पर, आरक्षक (चालक) के पद पर 11 एवं आरक्षक (ट्रेड) के पद पर 02 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।
आज सीर्धी भर्ती से चयनित 03 अभ्यर्थी आरक्षक - 02 एवं आरक्षक (चालक)-01 को मेडिकल एवं चरित्र सत्यापन उपरान्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के हस्ते नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।


अबूझमाड़ में 22 नए सुरक्षा कैंप स्थापित
इसका सबसे अधिक असर नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में देखने को मिला है, जो लंबे समय से माओवादियों का गढ़ माना जाता रहा है। यहां अकेले 22 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा बीजापुर जिले के अंदरूनी इलाकों में 18 और सुकमा जिले के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में 12 नए कैंप खोले गए हैं। कर्रेगुट्टा जैसे अतिसंवेदनशील और चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती ने हालात को काफी हद तक बदला है।
सरकार का कहना है कि ये सुरक्षा कैंप अब केवल ऑपरेशन का आधार नहीं रह गए हैं, बल्कि विकास के प्रवेश द्वार बनते जा रहे हैं। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत कैंपों के आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, तुमालपाड़, रायगुड़ेम, उसकावाया, नागाराम, पेदाबोडकेल और उरसांगल समेत कुल 52 स्थानों पर नए कैंप स्थापित कर प्रशासन ने विकास कार्यों को गति दी है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, कैंपों की इस श्रृंखला से माओवादियों की आवाजाही और उनके प्रभाव क्षेत्र को सीमित करने में बड़ी सफलता मिली है। पहले जहां सुरक्षाबलों की पहुंच मुश्किल थी, वहां अब नियमित गश्त और प्रशासनिक गतिविधियां संभव हो पा रही हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण इलाकों में दिख रहा है, जहां धीरे-धीरे सामान्य जीवन की वापसी हो रही है।





