छत्तीसगढ़

सेल्समैन ने छीना गरीबों का हक, चावल देना किया बंद, उतर आया बदतमीजी पर

Nilmani Pal
1 March 2026 10:02 AM IST
सेल्समैन ने छीना गरीबों का हक, चावल देना किया बंद, उतर आया बदतमीजी पर
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बलरामपुर। जिले के वाड्राफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गुरमुट्टी में शासकीय उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। गांव के लगभग 80 से 100 हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि सेल्समैन द्वारा राशन वितरण में अनियमितता बरती जा रही है और लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार राशन लेने पहुंचने पर उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि राशन खत्म हो गया है या बाद में आना। वहीं कुछ हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि सेल्समैन बात-बात पर बदतमीजी करता है और उचित जानकारी भी नहीं देता। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने अपनी शिकायत जिला पंचायत प्रतिनिधि एवं पिछड़ा वर्ग के जिला अध्यक्ष अनिल कुशवाहा के समक्ष रखी। बड़ी संख्या में पहुंचे हितग्राहियों ने सामूहिक रूप से अपनी समस्याएं बताते हुए सेल्समैन को तत्काल हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय पर राशन नहीं मिला तो गरीब परिवारों के सामने भोजन की समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शी और नियमित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

शिकायत मिलने के बाद अनिल कुशवाहा ने मौके पर ही संबंधित फूड इंस्पेक्टर से फोन पर चर्चा की। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच कर तत्काल समस्या का समाधान करने तथा हितग्राहियों को नियमित रूप से राशन उपलब्ध कराने के निर्देश देने की बात कही।

अनिल कुशवाहा ने कहा कि गरीबों के हक के राशन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित सेल्समैन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग रखी है कि जब तक वर्तमान सेल्समैन को हटाया नहीं जाता, तब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

अब इस पूरे मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि जांच में अनियमितता और अभद्र व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित सेल्समैन पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। ग्राम पंचायत गुरमुट्टी का यह मामला एक बार फिर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान होगा और उन्हें नियमित रूप से उनका हक का राशन मिलेगा।

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