छत्तीसगढ़

रायपुर में कल मांस विक्रय पर लगी रोक, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

Shantanu Roy
7 Sept 2025 6:54 PM IST
रायपुर में कल मांस विक्रय पर लगी रोक, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
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छग
Raipur. रायपुर। जैन समाज के महत्त्वपूर्ण पर्युषण पर्व के तहत संवत्सरी व उत्तम क्षमा पर्व के अवसर पर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में मांस-मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध कल, 8 सितंबर 2025 को प्रभावी होगा। महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पर्व के दौरान धार्मिक आस्था का सम्मान सुनिश्चित करने और समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

महापौर मीनल चौबे ने कहा कि नगर निगम प्रशासन इस आदेश का व्यवहारिक पालन करवाएगा। विशेष रूप से होटल, ढाबों, मांस विक्रेताओं और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर निगरानी रखी जाएगी। यदि किसी होटल या दुकान में मांस-मटन का विक्रय पाया गया तो मौके पर जप्ती की कार्रवाई की जाएगी और संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमों के तहत कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्वों का महत्व तभी बना रहता है जब समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर उसे मनाएं और उसकी गरिमा बनाए रखें।

नगर निगम प्रशासन ने आदेश का पालन कराने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। टीमों को निर्देशित किया गया है कि वे सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रतिष्ठान में मांस-मटन का व्यापार न हो। नगर निगम ने व्यापारियों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से सहयोग करें और पर्व की पवित्रता बनाए रखें। साथ ही आम नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे यदि कहीं प्रतिबंधित गतिविधि देखें तो तुरंत निगम अधिकारियों या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

संवत्सरी और उत्तम क्षमा पर्व जैन धर्म में क्षमा, आत्मशुद्धि और अहिंसा का संदेश देते हैं। इस दौरान जैन समाज उपवास, ध्यान और प्रार्थना में समय बिताता है। मांसाहार से परहेज धार्मिक आस्था का अभिन्न हिस्सा है। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं बल्कि समाज में सद्भाव, अनुशासन और जागरूकता फैलाना है। उन्होंने सभी धर्मावलंबियों से पर्व को शांति और सहयोग के साथ मनाने की अपील की। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उल्लंघन गंभीर माना जाएगा। कानून का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी निगरानी में सहयोग करने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही आवश्यकतानुसार स्थानीय स्तर पर बैठकें आयोजित कर व्यापारियों और समाज के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर पर्व की गरिमा सुनिश्चित की जाएगी।
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