छत्तीसगढ़

गढ़बेंगाल से धौड़ाई और पल्ली छोटेडोंगर से ओरछा मार्ग पर जल्द शुरू होगा सड़क निर्माण

Nil dhankar
18 Nov 2025 5:35 PM IST
गढ़बेंगाल से धौड़ाई और पल्ली छोटेडोंगर से ओरछा मार्ग पर जल्द शुरू होगा सड़क निर्माण
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नारायणपुर। लोक निर्माण विभाग के नारायणपुर संभाग के अन्तर्गत गढ़बेंगाल से धौड़ाई तक गिट्टी डब्लूएमएम से पेचिंग का कार्य प्रगति पर है। चालू नवम्बर माह के अंत तक गढ़बेंगाल से धौड़ाई तथा पल्ली छोटेडोंगर से ओरछा मार्ग (लंबाई 19 किमी) के लिए निविदा की प्रक्रिया पूर्ण कर सीमेंट-कांक्रीट मार्ग का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। वर्तमान में पल्ली छोटेडोंगर-ओरछा (12 किमी) सी.सी. मार्ग का चौड़ीकरण कार्य प्रगति पर है। वर्षा ऋतु की समाप्ति के बाद अब कार्यों में तेजी लाकर सड़क का काम शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

दक्षिण के तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए जगदलपुर से 356 तीर्थयात्रियों का जत्था हुआ रवाना

धार्मिक आस्था और सरकारी संकल्प का अद्भुत संगम बस्तर के टाऊन हॉल में तब देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 356 वरिष्ठ नागरिकों का जत्था दक्षिण भारत के पवित्र धामों एवं तीर्थ स्थलों के लिए रवाना हुआ। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना ने जिले के इन बुजुर्गों के लिए तिरुपति, मदुरै और रामेश्वरम की वर्षों पुरानी कामना को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त किया है।

यात्रा की शुरुआत सोमवार को जगदलपुर के टाऊन हॉल परिसर से हुई। यहां उत्साह और भक्तिपूर्ण माहौल में सांसद महेश कश्यप और महापौर श्री संजय पाण्डेय ने बसों को हरी झंडी दिखाकर तीर्थयात्रियों को विदाई दी। सांसद कश्यप ने इस प्रयास को वरिष्ठों के प्रति सम्मान का द्योतकश् बताते हुए सभी के मंगलमय यात्रा की कामना की, जबकि महापौर पाण्डेय ने इस पुनीत कार्य के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया।

सोमवार को ये सभी 356 श्रद्धालु बसों के माध्यम से रायपुर के लिए रवाना हुए, जहां विश्राम के बाद उनकी वास्तविक आध्यात्मिक यात्रा का चरण शुरू हुई। मंगलवार दोपहर को, यह पूरा दल रायपुर से विशेष रेलगाड़ी द्वारा अपनी बहुप्रतीक्षित तीर्थयात्रा पर निकल पड़ा। तिरुपति के भगवान बालाजी, मदुरै की देवी मीनाक्षी और रामेश्वरम के भगवान रामनाथस्वामी के दर्शन की अभिलाषा लिए, यात्रियों के चेहरे पर खुशी और संतोष का भाव स्पष्ट नजर आ रहा था। बस्तर से शुरू हुई यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि छत्तीसगढ़ शासन की कल्याणकारी योजनाओं की सफलता को भी दर्शाती है।

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