छत्तीसगढ़

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय भर्ती प्रक्रिया में धांधली

Nilmani Pal
8 Jan 2026 11:26 AM IST
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय भर्ती प्रक्रिया में धांधली
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नए भर्ती कर कर्मचारियों की हितों में डाल रहा है डाका

महामहिम राज्यपाल और शासन को अंधेरे में रखकर भर्ती प्रक्रिया चालू की

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय मेंं भर्ती प्रक्रिया को तुरंत स्थगित करने की मांग

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निर्देशों की घोर उपेक्षा

भारतीय कृषि अनुसंधान के बीच हुए समझौते का खुला उल्लंघन

कुलपति अपने हठधर्मिता और स्वार्थ के कारणों से कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़

रायपुर (जसेरि)। कृषि विवि में होने वाली भर्ती को लेकर नए कर्मचारियों जिन्हें भर्ती के बाद सुविधा नहीं दिया जा रहा है उन्होंने तमाम सुविधा देने के मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कृषि विवि व्दारा नए भर्ता होने वाले कर्मचारियों की उपे7ा को लेकर हितग्राहियों ने दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से शिकायत कर तुरंत रोक लगाकर नए कर्मचारियों की जो भर्ती हुई है उन्हें तमाम सरकारी सुविधाएं अविलंब दी जाए । शिकायत कर्ता ने पत्र में लिका है कि भर्ती नियमानुसार आईसीएआर व्दारा 75 प्रतिशत एवं छग शासन विवि 25 प्रतिशत का नियम है। कृषि अनुसंधान परिषद के 75 प्रतिशत को ही 100 प्रतिसथ मानकर भर्ती किया जा रहा है। कर्मचारियों को कोई भी प्रमोशन , क्रमोन्नति , पेंशन चिकित्सा सुविधा नहीं दिया जा रहा है। किसी प्रकार से उच्च शिक्षा अवकाश भी नहीं दिया जा जाएगा। कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति कर दिया जाएगा जबकि विवि शासन में 62 व 65 वर्ष निर्धारित है।

उपर्युक्त सभी भरतीय कृषि अनुसंधान के बीच हुए समझौता ज्ञापन की कंडिका क्र 7(8) 8(2) एवं 8(15) का खुला उल्लंघन है।कुलाधिपति राज्यपाल एवं प्रशासन को अंधेरे में रखकर भर्ती किया जा रहा है। कुलपति अपने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (ढ्ढष्ट्रक्र), नई दिल्ली द्वारा संदर्भित उल्लेखित पत्र में स्पष्ट प्रावधान यह है कि प्रदेश के 27 जिलों में स्थापित कृषि विज्ञान केन्द्रो में विभिन्न पद पर कार्य करने वालें कर्मचारी / अधिकारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन, सेवानिवृत्ति लाभ आदि पर होने वाले व्यय का 75:25त्न के अनुपात में ढ्ढष्ट्रक्र तथा राज्य शासन द्वारा वहन किए जाने निर्देशित है। जिसके अंर्तगत कृषि विज्ञान केन्द्रों में पद स िमलित किये गए है जो नि नानुसार है :- प्रशिक्षण आयोजक, प्रशिक्षण सहयोगी, फार्म मैनेजर, कार्यालय अधीक्षक कम लेखापाल, कनिष्ट स्टेनो कम क प्यूटर ऑपरेटर, वाहन चालक कम मैकेनिक एवं सर्पोटिंग स्टॉफ के वेतन मद में बेसिक पे + डी. ए. + एच. आर. ए. की राशि ढ्ढष्ट्रक्र द्वारा एवं पेंशन/एन.पी.एस, चिकित्सा भत्ता तथा सेवानिवृति लाभ विश्वविद्यालय / राज्य शासन द्वारा वहन किया जाना है । जिसके अनुसार ढ्ढष्ट्रक्र एवं विश्वविद्यालय के मध्य समझौता ज्ञापन (रूह्र) निष्पादित किये गये हैं। राज्य शासन द्वारा 25त्न होने वाले व्यय राशि का आज दिनांक तक बजट में कभी भी प्रावधान ही नही किया गया है। इस विषय में कृषि विश्वविद्यालय रायपुर घोर उपेक्षा कर रहा है।

कृषि विज्ञान केन्द्रो में कर्मचारी भर्ती के लिये रजिस्ट्रार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा विज्ञापन क्र. 6073 दिनांक 27122024 को जारी किया गया है। विज्ञापन जारी करने के पूर्व रजिस्ट्रार / कुलपति द्वारा ढ्ढष्ट्रक्र एवं 25त्न होने वाले व्यय के लिए राज्य शासन वित्त विभाग से अनुमति नही ली गयी है । इसका दु:परिणाम यह होगा कि कर्मचारी चयन के पश्चात् पेंशन / एन.पी.एस, चिकित्सा भत्ता तथा सेवानिवृति लाभ कर्मचारीयों को नही मिल पायेगा, जिसका नुकसान कर्मचारियों को होगा जो ढ्ढष्ट्रक्र एवं विश्वविद्यालय के मध्य समझौता ज्ञापन (रूह्र) का खुला उलंघन है। कर्मचािरयों के संघठन ने अनुरोध किया है कि कर्मचारियों के व्यापक हित में कर्मचारी भर्ती विज्ञापन क्रमांक 6073 दिनांक 27.12.2024 के तहत होने वाली भर्ती प्रकिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर एवं स्वत: संज्ञान लेते हुए उक्त विज्ञापन की निष्पक्ष जांच करवाने की कृपा करें।



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