छत्तीसगढ़

मोहला-मानपुर-अंचल में नक्सल पुनर्वास और विकास नीति की समीक्षा

Shantanu Roy
8 Oct 2025 11:08 PM IST
मोहला-मानपुर-अंचल में नक्सल पुनर्वास और विकास नीति की समीक्षा
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छग
Rajnandgaon. राजनांदगांव। मोहला-मानपुर-अंचल में कलेक्टर तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में जिले में कानून-व्यवस्था, मादक पदार्थों की रोकथाम, आबकारी नियंत्रण, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास नीति को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्टोरेट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह, अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, डिप्टी कलेक्टर दुकालूराम ध्रुव सहित पुलिस, आबकारी और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर प्रजापति ने जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने मादक पदार्थों और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। इसके अंतर्गत पुलिस और आबकारी विभाग को मिलकर नियमित गश्त, छापामार कार्रवाई और अवैध बिक्री रोकने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध मादक पदार्थ तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर प्रजापति ने जिले में कोटपा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके तहत नियमित निरीक्षण, जागरूकता अभियान और आवश्यक चेतावनी प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया गया।
बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास नीति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और उनके परिवारों के पुनर्वास में तेजी लानी होगी। इसके लिए आवास, भूमि चिन्हांकन, आर्थिक सशक्तिकरण और कौशल उन्नयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएँ। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का निष्पादन समयबद्ध तरीके से किया जाए।
कलेक्टर प्रजापति ने बाल विवाह रोकथाम और साइबर सुरक्षा जागरूकता जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि समाज में इन मामलों में जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाए जाएँ और उल्लंघन के मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने, जानकारी साझा करने और बेहतर नीतिगत निर्णय लेने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिले में कानून व्यवस्था, मादक पदार्थ नियंत्रण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास से संबंधित रिपोर्टिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जाए। इससे अधिकारियों को वास्तविक समय में जानकारी मिलेगी और आवश्यक निर्णय तुरंत लिए जा सकेंगे। कलेक्टर प्रजापति ने कहा कि जिले में सभी योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ प्रशासनिक नियंत्रण नहीं, बल्कि समाज में स्थायी परिवर्तन और विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे जनता की समस्याओं का समाधान तत्परता से करें और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाएँ।
बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे न केवल कार्यान्वयन की गति बढ़ाएँ, बल्कि गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों और नियमित निगरानी से ही जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। अंत में कलेक्टर ने सभी उपस्थित अधिकारियों को जिले में प्रभावी कार्यान्वयन और सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने के लिए सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
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