छत्तीसगढ़

4 दिन बाद रिटायर तारीख, संविदा नियुक्ति पाने जुगाड़ में लगे भ्रष्ट अफसर

Nil dhankar
27 July 2025 11:25 AM IST
4 दिन बाद रिटायर तारीख, संविदा नियुक्ति पाने जुगाड़ में लगे भ्रष्ट अफसर
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महिला बाल विकास विभाग में उपसंचालक पद पर पदस्थ है सुनील कुमार शर्मा

रायपुर। महिला बाल विकास के सबसे भ्रष्ट अधिकारी उपसंचालक सुनील कुमार शर्मा इस माह के अंतिम तारीख को रिटायर्ड हो रहे हैं। इसी प्रकार का आदेश शासन ने निकाला है। और उनकी जगह उनके सभी विभागों का चार्ज उप संचालक अभय कुमार को दिया गया। गौरतलब है कि सुनील कुमार शर्मा पूर्व कांग्रेस की सरकार के महिला बाल विकास मंत्री के सबसे करीबी रहे। सुनील कुमार शर्मा पर आरोप है कि अंधाधुंध टेंडर जारी कर हजारों करोड़ों रूपये का घोटाला कर चूका है। आंगनबाड़ी केंद्रों में सामान खरीदी के नाम से 40 करोड़ के गबन का आरोपी भी बताया जा रहा है, वर्तमान सरकार ने 23 जुलाई 2025 कोआदेश जारी कर उन्हें सरकारी नौकरी से सेवानिवृत कर दिया। उसके बावजूद भ्रष्ट्र अधिकारी की हिमाकत को देखिए अपने पुराने काले कारनामे को छुपाने के लिए फिर से मंत्री बंगले की चक्कर लगा रहा है। खबर है कि संविदा नियुक्ति में फिर से इस पोस्ट को पाने लगभग जुगाड़ कर लिया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों में अगर सब कुछ ठीक-ठाक चला और भ्रष्ट अधिकारी का पैसा ऊपर तक पहुंच गया तब तत्काल इसकी संविदा नियुक्ति हो जाएगी।


महिला बाल विकास शाखा में सभी अधिकारी अचंभित है। इस तरीके के काले कारनामे करने वाले अधिकारी लगातार पिछले 15 सालों से एक ही विभाग में चाहे वह किसी की भी सरकार रही हो उठा पटक करके गोलमाल का टेंडर में हजारों करोड़ रुपए का शासन और गरीब जनता के पैसे को चूना लगाया।

कांग्रेस शासन काल के दौरान इस अधिकारी ने मिली भगत खूब पैसा कमाया ऐसा आरोप विभाग के अधिकारी कर्मचारी लगा रहे हैं। महिला बाल विकास शाखा में अधिकांश टेंडर के द्वारा कार्य करने वाले ठेकेदार भी उक्त अधिकारी पर सबसे भ्रष्ट अधिकारी होने का तमन्गा देने से पीछे नहीं हटते अब अधिकारी का कारनामा आगे देखने के लिए सभी विभाग में हलचल के रूप में देखा जा रहा है। रिटायर्ड उपसंचालक सुनील कुमार शर्मा इसके सभी काले कारनामे बड़े-बड़े घोटाले विभाग में विभिन्न स्तरों में जांच पर अटके पड़े हैं। गजब की बात तो यह है अधिकारी कांग्रेस शासन काल का सबसे चाटुकार होने के बावजूद अभी किसी सजा का पत्र नहीं बना। संविदा नियुक्ति के जरिये फिर से नौकरी पाने जुगाड़ करने में सफल होता दिख रहा है।

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